इजरायली दूतावास की कार पर गत 13 फरवरी को हुए बम विस्फोट की जांच में जुटे जांचकर्ताओं की शक की सूंई बांग्लादेश स्थित आतंकवादी संगठन हूजी पर टिकी है। सूत्रों ने मंगलवार को यह जानकारी दी।
खुफिया एवं राजनयिक विभाग के उच्च पदस्थ सूत्रों के मुताबिक बांग्लादेश के कॉक्स बाजार से एक संदिग्ध सेटेलाइट फोन के जरिए नई दिल्ली में दो बार बातचीत हुई। सूत्रों ने बताया कि विस्फोट के दिन और घटना से एक सप्ताह पहले सेटेलाइट फोन से जिस मोबाइल फोन पर बातचीत हुई, उस मोबाइल फोन को हमले के तुरंत बाद बंद कर दिया गया।
ज्ञात हो कि इजरायली दूतावास की कार 13 फरवरी को नई दिल्ली में एक लालबत्ती पर खड़ी थी तभी एक मोटरसाइकिल सवार हमलावर ने कार पर मैग्नेटिक बम चिपका दिया और उसके वहां से निकलते ही कार में विस्फोट हो गया। इस हमले में कार में सवार इजरायली राजनयिक की पत्नी और तीन अन्य घायल हो गए थे। वहीं, इजरायल ने हमले के लिए ईरान को जिम्मेदार ठहराया जिसका कि तेहरान ने खंडन किया।
सूत्रों ने बताया कि सेटेलाइट फोन को बांग्लादेश स्थित आतंकवादी संगठन हरकत-उल-जिहाद-ए-इस्लामी (हूजी) के पास होने के सबूत मिले हैं। सूत्रों ने बताया कि इस सेटेलाइट फोन पर भारतीय खुफिया एजेंसियों की काफी समय से नजर थी।
जांच से जुड़े एक सूत्र ने बताया कि हूजी, पाकिस्तान स्थित लश्कर-ए-तैयबा और इंडियन मुजाहिदीन भारत में अपनी आतंकवादी गतिविधियों में समन्वय के लिए इस सेटेलाइट फोन का इस्तेमाल करते हैं।
सूत्रों ने बताया कि हूजी के आतंकवादी इस हमले के लिए स्थानीय माड्यूल्स का इस्तेमाल किए होंगे, जांचकर्ता इस पहलू की भी जांच कर रहे हैं। खुफिया सूत्रों ने बताया कि उनके पास इस बात की सूचना है कि पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी इंटर सर्विसेज इंटेलिजेंस (आईएसआई) बांग्लादेश में भारत विरोधी आतंकवादी मोर्चे को दोबारा तैयार कर रही है।


