रूस ने पश्चिमी देशों द्वारा ईरान पर प्रतिबंध लगाने के कदम को समर्थन देने से इनकार करते हुए कहा है कि उनका उद्देश्य वहां की सत्ता में परिवर्तन करना है। रूस के उप विदेश मंत्री सर्जेई रेयाबकोव ने एक पत्रिका को दिए साक्षात्कार में कहा कि कुछ लोग शायद वर्तमान परिस्थितियों को तेहरान में सत्ता परिवर्तन के अवसर के रूप में देख रहे हैं। लेकिन रूस ऐसे कदम को समर्थन नहीं देगा। उन्होंने कहा कि रूस तेहरान के परमाणु कार्यक्रम के विवाद का कूटनीतिक हल चाहता है।
पश्चिमी देशों का मानना है कि ईरान परमाणु हथियार बनाना चाहता है। इसीलिए पश्चिमी देशों ने ईरान पर कड़े प्रतिबंध लगाए हैं। यूरोपीय संघ (ईयू) एक जुलाई से ईरान के तेल के आयात को रोक देगा।
अपने परमाणु कार्यक्रम के विषय में ईरान का कहना है कि यह शांतिपूर्ण उद्देश्यों के लिए है। उप विदेश मंत्री ने कहा कि इस बात के कोई सबूत नहीं है कि ईरान परमाणु बम बना रहा है। पिछले हफ्ते ईरान के राष्ट्रपति महमूद अहमदीनेजाद ने कहा कि उनका देश परमाणु मुद्दे पर पश्चिमी देशों से फिर से वार्ता शुरू करने के लिए तैयार है।


