रूस के प्रधानमंत्री व्लादिमीर पुतिन की गिरफ्तारी संबंधी फर्जी समाचार वाला वीडियो इन दिनों इंटरनेट पर खूब खोजा जा रहा है। आलम यह है कि केवल तीन दिन में इस वीडियो को देखने वालों की संख्या करीब 30 लाख पहुंच गई है।
यू-ट्यूब पर इस सप्ताह डाली गई डिजिटल रूप से परिवर्तित वीडियो क्लिप में तेल व्यवसायी मिखाइल खोदोर्कोवस्की के मामले की सुनवाई के 2010 के समाचार फुटेज को पुतिन के मामले की सुनवाई कहकर दिखाया गया है।
वर्ष 2003 में गिरफ्तारी के बाद शुरू हुए खोदोर्कोवस्की के अभियोजन को पुतिन की सत्ता को चुनौती देने का बदला माना जाता है।
‘द अरेस्ट ऑफ व्लादिमीर पुतिन’ नाम के वीडियो में उन्हें अदालतकक्ष में कटघरे में दिखाया है और एक महिला की आवाज सुनाई देती है जिसमें कहा जाता है कि पुतिन पर भ्रष्टाचार और आतंकवाद का आरोप है।
खोदोर्कोवस्की को दोषी ठहराने वाले न्यायाधीश प्रतिवादी से उसका नाम और राष्ट्रीयता बोलने के लिए कहते हैं। इसके आगे इस वीडियो में परिवर्तन किया गया है और फिर वीडियो में खोदोर्कोवस्की की जगह पुतिन की आवाज सुनाई देती है।


