दुनियाभर के लोगों को एक दूसरे से जुडने में मदद करने वाली सोशल नेटवर्किंग वेबसाईट फ्सेबुक के संस्थापक मार्क जुकेरबर्ग ने खुद को हैकर बताते हुये कहा है कि उनके इस हुनर ने ही उनकी कंपनी को बुलंदियों पर पहुंचाने में मदद की1
श्री जुकेरबर्ग(27) ने कहा ..हैकर मानते हैं कि कोई भी चीज सर्वश्रेष्ठ नहीं होती और उसमे हमेशा सुधार की गुंजाइश मौजूद रहती है1 हैकर अपनी इसी सोच के बलबूते उन विचारों और उत्पादों पर बाजी लगाते हैं जो नये तो होते हैं लेकिन उनके असफ्ल रहने की आशंका भी मौजूद रहती है1 अपनी इसी हैकर सोच के बलबूते मैनें दुनिया की सबसे कामयाब इंटरनेट कंपनी खडी की1
जुकेरबर्ग ने यह बात ..द हैकर वे.. नामक उस आलेख में कही है जों कंपनी ने आईपीओ के लिये फ्सेबुक को पेश करने के लिये सरकारी पर्यवेक्षकों को सौंपे जाने वाले एक दस्तावेज का हिस्सा है1
उल्लेखनीय है कि हैकर मूल रूप से कंप्यूटर के उन महारथियों को कहा जाता है जो दुनियाभर की कई बडी कंपनियों और सरकारी एजेंसियों की वेबसाइटों और सर्वर में सेंध लगाकर कई गोपनीय जानकारियां चुरा लेते हैं1 हालांकि सर्वरों के दो वर्ग होते हैं एक वे जो कानून के खिलाफ् जाकर काम करते हैं और दूसरे वह जो कंपनियों की सुरक्षा प्रणाली को मजबूत बनाने के लिये अपने हुनर का इस्तेमाल करते हैं1


