भावांतर योजना : 10 हजार करोड़ रुपए भी खर्च करना पड़े तो करेगी सरकार

भोपाल। मध्यप्रदेश में मुख्यमंत्री भावांतर भुगतान योजना 16 अक्टूबर यानी सोमवार से पूरे प्रदेश में एक साथ लागू होगी। बुधवार को कैबिनेट में योजना को लेकर प्रस्तुतिकरण दिया गया। इस दौरान मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि इसमें दस हजार करोड़ रुपए खर्च करने पड़े तो भी सरकार करेगी। इस दौरान कई मंत्रियों ने कृषि अधिकारियों से योजना को लेकर पूछताछ भी की।

जनसंपर्क मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा ने बताया कि 16 अक्टूबर से योजना के तहत मंडियों में खरीदी शुरू हो जाएगी। मुख्यमंत्री, मंत्री सहित अन्य जनप्रतिनिधि योजना के शुभारंभ कार्यक्रम में शामिल होंगे। सूत्रों ने बताया कि बैठक में जब प्रमुख सचिव कृषि डॉ. राजेश राजौरा योजना को लेकर प्रस्तुतिकरण दे रहे थे, तब पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री गोपाल भार्गव ने पूछा कि आदिवासी क्षेत्रों से कई मंडी व उप मंडियां ऐसी हैं, जहां पूरी तरह खरीदी-बिक्री नहीं होती है।

वहां इसे कैसे क्रियान्वित कराया जाएगा तो मुख्यमंत्री ने कहा कि कलेक्टर और एसडीएम को व्यापारियों के साथ बैठक करने के निर्देश दिए गए हैं। सामान्य प्रशासन मंत्री लालसिंह आर्य ने पूछा कि जिनका धान खरीदी का पंजीयन है तो क्या उन्हें भी नया पंजीयन कराने की जरूरत है। इसका जवाब देते हुए मुख्यमंत्री बोले कि वो ई-उर्पाजन का पंजीयन है। इसमें नया ही कराना होगा।

खाद्य, नागरिक आपूर्ति मंत्री ओमप्रकाश धुर्वे ने हर सप्ताह भुगतान का मुद्दा उठाया तो नगरीय विकास मंत्री माया सिंह ने नकद भुगतान की बात कही। इस दौरान मुख्यमंत्री ने अपर मुख्य सचिव एपी श्रीवास्तव की ओर मुखातिब होते हुए कहा कि चिंताग्रस्त दिख रहे हैं। इस पर उन्होंने कहा कि विभाग सकते में है।

योजना में कितना भार आएगा, यह अभी नहीं कह सकते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि दस हजार करोड़ रुपए भी लगेंगे तो सरकार लगाएगी। बैठक में तय हुआ कि सभी मंत्री अपने गृह या प्रभार के जिले में योजना के शुभारंभ मौके पर कार्यक्रम में शरीक होंगे।

यह तो महाबोनस योजना है

बैठक में बताया गया कि इस समय तिल को छोड़कर ज्यादातर खरीफ फसलों के भाव मंडियों में न्यूनतम समर्थन मूल्य से कम चल रहे हैं। इस पर स्कूल शिक्षा मंत्री विजय शाह ने कहा कि ऐसी सूरत में यह योजना तो महाबोनस है। केंद्र ने बोनस बंद कर दिया था। इसमें उससे कहीं ज्यादा राशि किसानों को मिलेगी।

बदलेगा योजना का नाम

बैठक में योजना का नाम बदलने को लेकर भी सुझाव आए। इसमें मुख्यमंत्री समर्थन मूल्य गारंटी योजना, मुख्यमंत्री कृषि उपज बोनस योजना और मुख्यमंत्री कृषक समर्थन मूल्य योजना जैसे नाम सुझाए गए।

आज होगी विशेष ग्रामसभा

भावांतर योजना में पंजीयन बढ़ाने के लिए गुरुवार को सभी 23 हजार पंचायतों में विशेष ग्रामसभा होगी। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान किसानों से योजना के लिए पंजीयन कराने की अपील करेंगे। उधर, कृषि विभाग ने कलेक्टरों को व्यापारियों के साथ बैठक करने, पंजीयन बढ़ाने के लिए ग्रामसभा में आवेदन लेने के निर्देश दिए।

लाड़ली लक्ष्मी छात्रवृत्ति वितरण समारोह आज

लाड़ली लक्ष्मी योजना के हितग्राही का गुरुवार को पूरे प्रदेश में छात्रवृत्ति वितरण समारोह होगा। मुख्यमंत्री निवास में सीएम इस कार्यक्रम की अध्यक्षता करेंगे।