लंबे इंतजार के बाद एनडब्ल्यूआर ने अजमेर पुष्कर के बीच सोमवार को पहली ट्रेन चला दी। 25.7 किलोमीटर यह लाइन टूरिस्टों के लिए आकर्षण का केंद्र रहेगी क्योंकि इस लाइन के किनारे मिट्टी के टीले और रेगिस्तानी पहाड़ियों के खूबसूरत नजारे उन्हें देखने को मिलेंगे। यह लाइन करीब 130.23 करोड़ की लागत से बनी है।
नॉर्दर्न वेस्टर्न रेलवे ने सोमवार को यह रूट शुरू किया। इसका इंतजार सैलानी पिछले 10 सालों से कर रहे थे। रेल मंत्री दिनेश त्रिवेदी और राजस्थान के सीएम अशोक गहलोत ने इस रेल मार्ग का उद्घाटन किया। इस ट्रैक के लिए मंजूरी 2002 में मिली थी। लेकिन बनाने के लिए वन विभाग ने आसानी से एनओसी नहीं दी। इसका ट्रैक पिछले साल बनकर तैयार हो गया था। रेलवे सिक्युरिटी कमिश्नर ने इस पर 90 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से ट्रेन चलाने की मंजूरी दी है।
ट्रेन यह सफर 1 घंटा 20 मिनट में तय करेगी। इस बीच ट्रेन मदार, माकड़वाली और बुढ़ा पुष्कर स्टेशन पर रुकेगी। 10 बोगी की इस ट्रेन में 8 जनरल और बाकी एसी चेयर कार कोच हैं। एनडब्ल्यूआर रेलवे के सीपीआरओ ललित बोहरा का कहना है कि इस ट्रैक का इंतजार लंबे समय से था। यह ट्रैक पूरे राजस्थान की खूबसूरती समेटे हुए है। सैलानियों के लिए यह आकर्षण का केंद्र रहेगा। इससे रेलवे का रेवेन्यू भी बढे़गा।
खूबसूरत रूट
पुल 40 आरयूबी
10 फाटक
3 ट्रेन का किराया
- जनरल बोगी से 5 रुपये जाने का समय
- अजमेर से सुबह 9.15 पुष्कर पहुंचेगी 10.40 आने का समय
- पुष्कर से दोपहर 15.40 बजे अजमेर पहुंचेगी 17.00 बजे
मंगलवार और शुक्रवार को यह ट्रेन नहीं चले गी।


