'कई लड़कियां हैं ट्रैफिकिंग की शिकार'

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altदिल्ली में सभी एजेंसियों की नाक के नीचे ट्रैफिकिंग रैकेट धड़ल्ले से चल रहा है, लेकिन एजेंसियों को इसकी खबर तक नहीं है। दो साल की नन्हीं परी को एम्स लाने वाली 14 साल की महक (बदला हुआ नाम) ने कुछ चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। महक ने बताया कि बहुत सी लड़कियां हैं, जो ट्रैफिकिंग की शिकार हैं और जिन्हें प्रॉस्टिट्यूशन में ढकेला गया है।

चाइल्ड वेलफेयर कमिटी (सीडब्ल्यूसी) लाजपत नगर के सामने महक की काउंसलिंग रिपोर्ट पेश की गई, जिसमें महक द्वारा किए गए खुलासों का जिक्र किया गया है। महक ने बताया कि कई और बच्चे हैं, जो ट्रैफिकिंग के शिकार हैं। उन्हें अलग-अलग होटलों में प्रॉस्टिट्यूशन के लिए भेजा जाता है।

महक ने उन होटलों के बारे में भी अहम सुराग दिए। उसने बताया कि आरती (जिसे पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है) के पास भी इन बच्चियों के बारे में जानकारी है और उसे भी मालूम है कि इन्हें कहां भेजा जाता है। पूजा के पास भी कई लड़कियां हैं, जो उसके लिए काम करती है। महक ने एक बच्ची का नाम बताया और पूरी जानकारी दी कि उसे भी प्रॉस्ट्यिूशन में ढकेला गया है। उसने उस बच्ची की कॉन्टैक्ट डिटेल भी बताई। सीडब्ल्यूसी ने पुलिस से कहा कि महक से मिली जानकारी के आधार पर उस बच्ची को रेस्क्यू करने के लिए तुरंत कदम उठाना चाहिए। महक ने एक डायरी के बारे में भी बताया, जिसमें दूसरी लड़कियों के कॉन्टैक्ट नंबर हैं। पुलिस ने वह डायरी हासिल कर ली है।

महक के बारे में काउंसलिंग रिपोर्ट में कहा गया है कि वह चाइल्ड होम में खुश है, लेकिन पोस्ट ट्रॉमेटिक स्ट्रेस डिसऑर्डर के लक्षण दिख रहे हैं। इसके लिए लंबे वक्त तक उसे साइकलॉजिकल ट्रीटमेंट और सपोर्ट की जरूरत है। सीडब्ल्यूसी ने कहा कि महक को अभी चाइल्ड होम में ही रखा जाए। नन्ही परी केस में इनवेस्टिगेटिंग ऑफिसर (आईओ) ने सीडब्ल्यूसी को बताया कि उसके भाई को विकास नगर से शकील उर्फ गुड्डू के पास से बरामद किया है। शकील का कहना है कि बच्चे की मां मुन्नी ने उसे बच्चा गोद दिया। हालांकि मुन्नी ने इससे इनकार किया और कहा कि उसे बच्चा कुछ समय के लिए ही दिया था, जब उसकी शादी होने वाली थी। सीडब्ल्यूसी ने कहा कि इसका कोई डॉक्यूमेंट्री प्रूफ नहीं है कि यह बच्चा मुन्नी का है और वह खुद मुन्नी है। हालांकि बच्चे की खातिर फैसला किया कि बच्चे की अंतरिम कस्टडी मुन्नी को दे दी जाए, जब तक वह नारी निकेतन में रह रही है।

जब वह नारी निकेतन से डिस्चार्ज होगी तब बच्चे की फाइनल कस्टडी का फैसला होगा। नन्ही परी की बहन भी मुन्नी के पास ही है। कमिटी ने कहा कि वह बच्चों के सौतेले पिता हरपाल सिंह से मिलना चाहती है ताकि बच्चों के पुनर्वास को लेकर योजना बनाई जा सके। आईओ ने हरपाल से अगली तारीख में आने के लिए कहा है। कमिटी ने आईओ से कहा है कि वह मुन्नी की उसके गांव से आईडी और रेजिडेंशल प्रूफ जुटाने में मदद करे।