बहुचर्चित डंपर मामले में मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान एक बार फिर मुश्किल में पड़ सकते हैं। हाईकोर्ट ने इस मामले के सभी रिकॉर्ड तलब किए हैं। इनमें लोकायुक्त की खात्मा रिपोर्ट भी शामिल है।
जस्टिस राकेश सक्सेना और जस्टिस एमएस सिद्दीकी की डिवीजन बेंच ने कांग्रेस नेता रमेश कुमार साहू की याचिका पर ये निर्देश जारी किए। राज्य लोकायुक्त ने 2007 के इस डंपर मामले में 2010 में खात्मा रिपोर्ट कोर्ट में पेश कर दी थी। जिसके बाद निचली कोर्ट ने मामले को बंद कर दिया था। साहू ने इस खात्मा रिपोर्ट को हाईकोर्ट में चुनौती दी है।
साहू ने अपनी याचिका में कहा है कि रीवा स्थित जेपी एसोसिएट्स द्वारा मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की पत्नी साधना सिंह को चार डंपर खरीदकर दिए गए थे। इसकी मार्जिन मनी उसी ने दी और किराए के रूप में उन्हें लगातार लाभ देने की योजना बनाई गई। झूठे शपथ पत्रों के आधार पर डंपरों का पंजीयन नाम और पहचान छिपाकर कराया गया।


