भोपाल। होशंगाबाद रोड पर चल रहे बीआरटीएस निर्माण ने फिर एक इंजीनियरिंग छात्र की जान ले ली। हादसा उस वक्त हुआ, जब वह अपने दोस्त को सीआरपीएफ की परीक्षा दिलाने के लिए बंगरसिया ले जा रहा था। इसी दौरान आरके फार्म हाउस के सामने उनकी बाइक सड़क पर फैली रेत में फिसली और डिवाइडर के तौर पर रखे लोहे के ड्रम से टकरा गई।
कैसे हुआ हादसा, बाइक पर उस वक्त सवार अखिलेश की जुबानी - मैं और शिवम दुवालिया दोनों स्कोप कॉलेज में इंजीनियरिंग फाइनल इयर के छात्र हैं। हमारा दोस्त सुधीर बंसल कॉलेज से इंजीनियरिंग कर रहा है। सोमवार को सुधीर का बंगरसिया स्थित कैंप में सीआरपीएफ का पेपर था। हम उसे छोड़ने जा रहे थे। उस वक्त सुबह के करीब छह बजे होंगे। बाइक पाल दरवाजा, टीकमगढ़ निवासी शिवम चला रहा था। हमारी बाइक आरके फार्म हाउस, मिसरोद के सामने पहुंची, देखा सड़क का एक हिस्सा निर्माण कार्य के चलते ब्लॉक था।
शिवम ने बाइक दूसरी सड़क पर ली और थोड़ा आगे जाकर वह दोबारा उसी सड़क पर बाइक उतार रहा था, लेकिन सड़क पर रेत पड़ी थी, जिसमें हमारी बाइक फिसली और सामने डिवाइडर के तौर पर रखे लोहे के ड्रम से टकरा गई। ये सब इतनी जल्दी हुआ कि हम कुछ नहीं समझ पाए। मुझे और सुधीर को तो मामूली खरोंचें आईं, लेकिन शिवम चीख रहा था। हमने फौरन एंबुलेंस को कॉल किया और उसे लेकर हॉस्पिटल पहुंचे। लेकिन तब तक काफी देर हो चुकी थी, यहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
शिवरात्रि पर जाना था घर
जवान बेटे की मौत की खबर के बाद से ही शिवम की मां का रो-रोकर बुरा हाल है। शिवरात्रि पर उसे घर लौटना था। बेसुध और घबराई वह हर किसी से यही कह रही है कि कोई तो मेरे बेटे को वापस ला दो। मैंने उसके लिए कुंडेश्वर में मनौती मांगी थी, सोचा था कि बेटा इंजीनियर बनेगा और हमारा नाम रोशन करेगा। हे भगवान..ये क्या हो गया? पशु चिकित्सा विभाग में पदस्थ पिता सत्य कुमार के आंसू भी थम नहीं रहे।
पहले भी हो चुका है हादसा
22 जनवरी को बागसेवनिया इलाके में आरआरएल तिराहे के पास सड़क पर रखे ड्रम से टकराकर एक स्कूली छात्र राहुल की मौत हो गई, जबकि उसका साथी दिव्यांश पटेल गंभीर रूप से घायल हो गया था।


