पटना. बिहार में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की सरकार के सुशासन का सच सामने आया है. अपराधी तो छोड़िए उनके मंत्री भरी महफिल में डॉक्टरों के हाथ काटने की धमकी दे रहे हैं.
यह धमकी किसी और नहीं बल्कि राज्य के स्वास्थ्य मंत्री अश्विनी कुमार चौबे ने राजधानी पटना के गांधी मैदान में दी.
शनिवार को पटना के गांधी मैदान में जन स्वास्थ्य चेतना यात्रा को हरी झंडी दिखाने के लिए अश्विनी चौबे पहुंचे थे. इसी मौके पर चौबे ने वो कह दिया जिसकी कल्पना हिंदुस्तान या सभ्य समाज में शायद ही कोई करता हो.
हैरानी की बात ये है कि मंत्री जी को अपने इस बयान में कुछ भी गलत नहीं लगता. अश्विनी चौबे का कहना है कि उन्होंने सिर्फ मुहावरे के तौर पर हाथ काटने जैसे शब्द का इस्तेमाल किया.
अश्विनी चौबे का कहना है कि उन्होंने इस बात का इस्तेमाल मुहावरे के तौर पर किया था और वो किसी तरह की हिंसा का समर्थन नहीं करते हैं.
दलअसल बिहार में जूनियर डॉक्टर वेतन बढ़ाने के मुद्दे पर 31 जनवरी से हड़ताल पर जाने का एलान कर चुके हैं और मंत्री जी इसी बात पर नाराज़ हैं.
जूनियर डॉक्टर को धमकी देते हुए अश्विनी चौबे ने कहा, हम जनता के कल्याण के काम में पीछे नहीं हटेंगे. अगर फिर भी हड़ताल किया तो हाथ काट लेंगे.
हालांकि, मंत्री जी अपने गुस्से की वजह डॉक्टरों की हड़ताल को मानते हैं. जिसकी वजह से आम जनता को मुश्किलों का सामना करना पड़ता है, लेकिन क्या बिहार तालिबान बन गया है.क्या वहां कानून व्यवस्था नहीं है कि मंत्री जी को हाथ काटने की जरूरत पड़ गई.
मंत्री जी मंच पर पूरे जोश में थे, उन्होंने सिर्फ चेतावनी ही नहीं दी. बल्कि उदाहरण भी दिए.
मंत्री ने साफ कहा कि हड़ताल रोकने के लिए उन्होंने डीएम और एसपी को निर्देश दिए हैं, इसके साथ ही वॉलिंटियर्स को भी मैदान में उतार दिया. वॉलिंटियर्स का मतलब तो आप समझते ही हैं ना.


