59 साल में पहली बार वर्ल्ड कप नहीं खेलेगा इटली

इटली की टीम 59 सालों में पहली बार फीफा वर्ल्ड कप में पहुंचने में नाकाम रही है. वर्ल्ड कप में एंट्री के लिए उसे हर हाल में क्वालीफाइंग मुकाबले में स्वीडन को हराना था, लेकिन सान सिरो में खेले गए मैच में स्वीडन ने उसे बराबरी पर रोक दिया.

चार बार की चैंपियन इटली उन टीमों में है, जिसे दुनिया की दिग्गज फुटबाल टीमों में शुमार किया जाता है. उसके बगैर वर्ल्ड कप के बारे में सोचा ही नहीं जा सकता लेकिन हकीकत यही है कि इस बार वो वर्ल्ड कप में नहीं दिखेगा. इस मैच के बाद इटली में शोक की लहर फैली हुई है.

मौके नहीं भुना पाया इटली
हालांकि, स्वीडन के खिलाफ इस प्लेऑफ मैच में इटली की टीम का मैदानी वर्चस्व लगातार दिखा, लेकिन वो मौकों को भुनाने में विफल रहे. ये मैच 0-0 से बराबरी पर छूटा लेकिन स्वीडन को एग्रीगेट तौर पर 1-0 से जीत मिल गई. क्योंकि क्वालीफाइंग मैच के पहले चरण में उन्होंने इटली पर जैकब जानसन के गोल की बदौलत जीत हासिल की थी. स्वीडन की टीम अब वर्ष 2006 के बाद पहली बार वर्ल्ड कप में होगी.

निराशा में डूबा इटली
जब दूसरे चरण का ये क्वालीफाइंग मैच खेला जा रहा था तब सान सिरो का स्टेडियम उत्तेजना में नहाया हुआ था. स्टेडियम में 70 हजार दर्शक थे. इनमें से ज्यादातर इटली की जीत की उम्मीद लिए यहां आए थे लेकिन जब ऐसा नहीं हुआ तो वो निराशा में डूब गए. वैसे ये तीसरा मौका होगा जबकि इटली वर्ल्ड कप में नहीं होगा. इससे पहले 1930 में जब पहली बार ये प्रतियोगिता खेली गई तब ये टीम उसमें हिस्सा लेने नहीं गई थी. इसके बाद 1958 में वो क्वालिफाई करने में नाकाम रही थी.

महान गोलकीपर गियानलुगी के युग का अंत
इटली के वर्ल्ड कप में नहीं पहुंचने का मतलब ये भी होगा कि महान गोलकीपर गियानलुगी बफो के युग का अंत हो जाएगा, अब उनका छठे विश्व कप में खेलने का सपना भी पूरा नहीं हो सकेगा. 39 वर्षीय ये खिलाड़ी 175 अंतरराष्ट्रीय मैचों में इटली को रिप्रजेंट कर चुका है. उन्होंने पहले ये घोषणा की थी कि रूस में होने वाला वर्ल्ड कप उनकी आखिरी प्रतियोगिता होगी लेकिन अब ऐसा नहीं हो सकेगा.