राशिफल- शनि मई से अगस्त तक इस राशि के लोगों को करेगा मालामाल

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aaj-ka-rashifal-in-hindiज्योतिष शास्त्र के अनुसार 19 मई 2012 की दोपहर 2.30 बजे से वक्री शनि तुला से कन्या राशि में प्रवेश करेगा और जो 26 जून 2012 की सुबह 5.40 बजे से मार्गी होगा। इसके बाद 1 अगस्त 2012 को वापस तुला राशि में आ जाएगा। तुला राशि में शनि उच्च का माना जाता है। इसके साथ ही 20 मई को शनि जयंती भी है अत: यह समय शनि के दृष्टिकोण से काफी महत्वपूर्ण बना हुआ है। इस संबंध में उज्जैन के ज्योतिषाचार्य पं. मनीष शर्मा के अनुसार इन योगों का प्रभाव सभी राशि के लोगों पर पड़ेगा। जानिए 19 मई से 1 अगस्त 2012 तक आपकी राशि पर शनि का कैसा कैसा प्रभाव रहेगा-

मेष- इस राशि का छठा शनि इस राशि के स्वामी का शत्रु है। अत: आपको हर कार्य के लिए अतिरिक्त परिश्रम करना पड़ेगा तथा कार्यों में बाधाएं उत्पन्न करेगा। प्रयत्नों में विफलताएं विचलित कर सकती हैं। अत: संयम एवं धैर्य के साथ कार्य करें। इस समय निवेश से बचें। हनुमानजी को चमेली के पुष्प अर्पित करें।

वृषभ- आपकी राशि अब पांचवे स्थान पर है अत: शनि आपकी राशि के स्वामी शुक्र का मित्र है। आपके लिए विशेष लाभ की स्थितियों का निर्माण होगा। खोए हुए सम्मान की प्राप्ति होगी तथा पुराने रोगों से छुटकारा मिलेगा। आप परिवार के साथ प्रसन्नता पूर्वक समय व्यतीत करेंगे। कार्य स्थल पर उपयोगिता बढ़ेगी एवं शुभ प्रसंगों में शामिल होने का अवसर मिलेगा। शिव को जलार्पण करें।

मिथुन-चतुर्थ शनि आपकी राशि के स्वामी के साथ सम व्यवहार करता है। अत: सफलता तो मिलेगी किंतु परिश्रम अधिक होगा। कार्य में अड़चनें उत्पन्न करने का प्रयास शत्रुओं द्वारा किया जाएगा। सभी परेशानियों से मुक्ति भी मिल जाएगी। परिवार के साथ किसी धार्मिक यात्रा पर जाने का मौका मिल सकता है। बेरोजगारों को रोजगार की प्राप्ति होगी। गणेशजी को दूर्वा अर्पण करें।

कर्क- शनि आपकी राशि के स्वामी चंद्र से शत्रुता का भाव रखता है। अत: कर्क राशि से शनि तृतीय होगा तथा शत्रु होने के बावजूद कई परेशानियों पर रोक लगाएगा। कोई ऐसा कार्य शुरु हो सकता है जिसकी आपको कई दिनों से प्रतिक्षा थी। व्यापार में उन्नति होगी एवं विरोधियों का पराभाव होगा। कोई निर्माण कार्य शुरु हो सकता है। हनुमानजी को दीपक लगाएं।

सिंह- इस राशि के लिए शनि द्वितीय रहेगा। आपकी राशि के स्वामी सूर्य से शनि शत्रु भाव रखता है। शनि की यह स्थिति आपको अप्रत्याशित सफलताएं दिलवाएगा। अटके कार्य पूर्ण होंगे। विरोधियों की हार निश्चित है। मान-प्रतिष्ठा में वृद्धि होगी तथा धार्मिक कार्य में रूचि होगी। साथियों का सहयोग प्राप्त होगा। हनुमानजी की अराधना करें।

कन्या- आपकी राशि के स्वामी बुध से शनि समभाव रखता है। आपकी राशि में शनि कुछ परेशानियां निर्मित करेगा। वैवाहिक जीवन एवं कार्यस्थल पर तनाव उत्पन्न हो सकता है। आर्थिक तंगी का अनुभव होगा एवं व्यापार में अत्यधिक धन व्यय होने की संभावनाएं हैं। गरीबों को अन्न का दान करें।

तुला-आपकी राशि से शनि द्वादश रहेगा। शनि आपकी राशि के स्वामी शुक्र का मित्र है। फिर भी आपके लिए सावधान रहना उचित होगा। मामुली परेशानियों का सामना होगा। कार्य स्थल पर तनाव हो सकता है। निवेश से बचें एवं अनजानों पर भरोसा नहीं करें। संतान से असहयोग बना रहेगा। पशु-पक्षियों के लिए जल की व्यवस्था करें।

वृश्चिक- आपकी राशि के लिए एकादश शनि आपकी राशि स्वामी का प्रबल शत्रु है किंतु आपको इससे घबराने की आवश्यकता नहीं है। यह समय आपके लिए राहत भरा रहेगा। मनोरंजन एवं यात्राओं में जाने का मौका मिलेगा। कानुनी कार्यों में सफलता प्राप्त होगी तथा शुभ समाचार प्राप्त होंगे। हनुमानजी को इत्र समर्पित करें।

धनु-इस राशि के लिए शनि दशम रहेगा। आपकी के राशि स्वामी गुरु से शनि समभाव रखता है तथा आपको लाभ पहुंचाने वाला बना हुआ है। कोई रूका कार्य बनने की सम्भावना है। विवाह योग्य लोगों को विवाह प्रस्ताव मिलेंगे। जीवन साथी से सहयोग मिलेगा। कार्य की अधिकता रहेगी। व्यापार में नए समीकरण लाभदायक होंगे। राम नाम का जाप करें।

मकर- मकर राशि से शनि नवम भाव रहेगा। आपकी राशि का स्वामी स्वयं शनि ही है तथा आपके लिए लाभदायक स्थितियां निर्माण कर रहा है। समाज में मान-सम्मान एवं प्रतिष्ठा बढ़ेगी तथा आर्थिक लाभ उत्तम होने की संभावनाएं हैं। विदेश यात्रा पर जाने वालों को आ रही अड़चने समाप्त होगी। हनुमानजी को लाल वस्त्र अर्पण करें।

कुंभ- इनके लिए अष्टम शनि रहेगा। आपकी राशि का स्वामी शनि है। आपके जीवन साथी को कुछ स्वास्थ्य संबंधी कष्ट दे सकता है। सब कुछ ठीक होने के बावजूद अज्ञात भय बना रहेगा। मानसिक तनाव महसूस करेंगे। योजना को अज्ञात कारणों से बदलना पड़ सकता है। शिव का पूजन शांति प्रदान करेगा। शिवलिंग पर आंकडे के पुष्प अर्पित करें।

मीन- मीन राशि वाले के लिए सप्तम शनि रहेगा। आपकी राशि के स्वामी गुरु से शनि सम भाव रखता हैं तथा पिछलें छ: महीनों से जो परेशानियां बनी हुई हैं वे समाप्त हो जाएंगी। विपरित लिंग की ओर आकर्षण में वृद्धि होगी। आपके कार्यों की प्रशंसा होगी। प्रमोशन मिलने के पूर्ण योग बने हुए हैं। हनुमानजी को सुगंधित धूप अर्पित करें।