हमारी आकाशगंगा के केंद्र में मौजूद एक विशाल ब्लैकहोल हर दिन कई छोटे तारों (क्षुद्रग्रह) को निगल रहा है। नासा के ‘चंद्र’ एक्स-रे बेधशाला से मिली जानकारी के आधार पर किए गए एक नए अध्ययन में इस बात की संभावना व्यक्त की गई है। इस एक्स-रे वेधशाला का नाम ‘चंद्र’ दिवंगत भारतीय भौतिक विज्ञानी सुब्रहमण्यन चंद्रशेखर के सम्मान में रखा गया है।
यह वेधशाला पिछले कई साल से हर दिन ब्लैकहोल से आने वाली एक्स-रे की चमक को दर्ज करती रही है और अब अनुसंधानकर्ताओं ने कहा है कि क्षुद्रग्रहों के ब्लैकहोल में समाने की प्रक्रिया इस चमक की वजह हो सकती है।
अनुसंधान के अगुवा और ब्रिटेन के लिसेस्टर विश्वविद्यालय के कास्टाइटिस जूबोवास ने ‘स्पेस डॉट कॉम’ को यह जानकारी दी।


