वैज्ञानिकों ने एक उल्लेखनीय सफलता के तहत नेत्रहीन लोगों के लिये बायोनिक आंख विकसित करने का दावा किया है जो उनके मुताबिक वर्ष 2013 तक मानवीय परीक्षण के लिये तैयार हो जायेगी ।
मोनाश विश्वविद्यालय के नेतृत्व में एक अंतरराष्ट्रीय दल ने कहा कि बायोनिक आंख का प्रत्यारोपण उन लोगों के लिये कारगर होगा जो गंभीर चोट लगने के बाद या ट्यूमर की वजह से अपनी देखने की शक्ति को खो दी है ।
इसके अलावा यह बायोनिक आंख उन लोगों के लिये भी मददगार होगी जिनकी ग्लूकोमा या रेटिना में खराबी के कारण आंख चली जाती है ।
वैज्ञानिक दल के प्रमुख आर्थर लोवरी ने कहा, ‘हमने पिछले साल की शुरूआत के बाद काफी महत्वपूर्ण प्रगति की है और हमें विश्वास है कि हमारे पास एक उपकरण होगा जो ज्यादातर मरीजों का इलाज कर सकेगा ।’


