यह अभी भले ही विज्ञान गल्प लगता हो लेकिन वैज्ञानिकों का कहना है कि दिमाग को पढ़ने वाली एक मशीन इजाद करने की दिशा में काम किया जा रहा है। वैज्ञानिकों के एक अंतरराष्ट्रीय दल ने दावा किया है कि यह मशीन सिर्फ मस्तिष्क की तरंगों को डिकोड करके यह बता सकती है कि संबंधित व्यक्ति क्या सुन रहा है ।
इसे एक बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है क्योंकि इससे इस उपकरण का ऐसे मरीजों में प्रत्यारोपण करके उनकी बात समझने में मदद मिल सकती है जो बोल नहीं सकते।
अपने शोध में वैज्ञानिकों ने दिखाया कि मस्तिष्क शब्दों को पेचीदा इलैक्ट्रिकल गतिविधि में तोड़ देता है जिसे डिकोड करके वापस मूल ध्वनि के मिलते जुलते रूप में अनुवाद किया जा सकता है। डेली टेलीग्राफ में प्रकाशित समाचार में कहा गया है कि इससे उन मरीजों की भावनाओं को समझने में मदद मिलेगी जिनका मस्तिष्क क्षतिग्रस्त हो गया है।
बर्कले में यूनिवर्सिटी आफ कैलिफोर्निया के शोधकर्ताओं में से एक प्रोफेसर राबर्ट नाइट ने कहा, ‘यह उन मरीजों के लिए एक बड़ी राहत की बात होगी जिनकी बोलने की क्षमता बाधित है या जिनका मस्तिष्क किन्हीं कारणों से क्षतिग्रस्त हो गया है।’


