वैज्ञानिकों ने ठोस धातु को दुनिया के सर्वाधिक शक्तिशाली एक्सरे लेजर की मदद से 20 लाख डिग्री सेल्सियस तक गर्म करके परमाणु संलयन की खोज की दिशा में एक कदम आगे बढ़ने की उम्मीद पैदा कर दी है।
कैलीफोर्निया के मेनलो पार्क में एसएलएसी राष्ट्रीय त्वरक प्रयोगशाला में कार्यरत शोधकर्ताओं के दल ने एल्युमिनियम फॉइल के छोटे से टुकड़े को जलाने के लिए रैपिड फायर लेजर का इस्तेमाल किया, जो कि किसी अन्य मानव जनित एक्सरे स्रोत से अरबों गुना चमकदार है।
एक अध्ययन के अनुसार ऐसा करते हुए उन्होंने गर्म सघन पदार्थ के तौर पर जाने गए प्लाज्मा का प्रारूप बनाया ताकि 20 लाख डिग्री सेल्सियस (36 लाख डिग्री फेरनहाइट) से ज्यादा तापमान तक पहुंचा जा सके। पूरी प्रक्रिया में एक सैकंड के एक हजार अरबवें हिस्से से भी कम समय लगा। प्लाज्मा जैसी गैस को ठोस, द्रव और गैसों के बाद पदार्थ का चौथा रूप माना जाता है।


