डोपिंग का आरोप ङोल रहे देश के शीर्ष सात एथलीटों पर एक साल का प्रतिबंध लगा दिया गया है। इनमें एशियाई खेलों में दो स्वर्ण पदक जीतने वालीं अश्विनी अकुंजी भी हैं। लंबी कूद के एथलीट हरिकृष्णन मुरलीधरन पर दो साल की पाबंदी लगाई गई है।
नेशनल एंटी डोपिंग एजेंसी (नाडा) के शुक्रवार को आए इस फैसले से इनके अगले साल लंदन ओलंपिक में खेलने की उम्मीदें लगभग ध्वस्त हो गईं। रिले धाविका मनदीप कौर, सिनि जोस, मेरी तियाना थॉमस, प्रियंका पवार, जौना मुमरू और अकुंजी इस साल जून और जुलाई में प्रतिबंधित स्टेरॉयड के सेवन की दोषी पाई गई थीं। सभी एथलीटों पर एक साल के प्रतिबंध की अवधि अस्थाई निलंबन तिथि से मानी जाएगी।
एथलीट प्रतिबंध के खिलाफ 14 दिनों के भीतर नाडा की अपीलेट ट्रिब्यूनल में अपील कर सकते हैं। नाडा पैनल के प्रमुख दिनेश दयाल ने कहा कि सजा कम दी क्योंकि उन्होंने जानबूझ कर प्रतिबंधित दवाएं नहीं ली थीं। पहली बार डोपिंग में दोषी होने पर अधिकतम दो साल सजा मिल सकती है।


