काबुल में मंगलवार को मुहर्रम के दिन हुए बम ब्लास्ट में करीब 56 लोगों की मौत हुई। उस धमाके का असर दिल्ली में मौजूद अफगानिस्तान की फुटबाल टीम पर भी पड़ा है। टीम के एक सदस्य मुस्तफा मदार के परिवार के चार सदस्य इस मानव बम विस्फोट में मारे गए हैं। टीम प्रबंधन ने अपने सदस्य और बाकी अफगान नागरिकों की मौत पर बुधवार को भूटान मैच से पहले दो मिनट का मौन रखने और बाजू में काली पट्टी बांध कर खेलने की अपील की थी। लेकिन एशियन फुटबाल कंफेडरेशन (एएफसी) के मैच कमिश्नर बहरीन के अब्दुल रज्जाक ने इसे सिरे से खारिज कर दिया। हालांकि उन्होंने नई दिल्ली में अफगानिस्तान के राजदूत खुद मदार से खुद मिलकर अपनी संवेदना जाहिर की।
टीम के मैनेजर फरीद मौलाई ने ‘अमर उजाला’ से कहा कि एफएफसी के इस रुख से सभी काफी दुखी हैं। इस हादसे से हर अफगानिस्तानी नागरिक आहत है। उनकी टीम के सदस्य मदार ने अपने चार सदस्यों को खो दिया है। इसलिए पूरी टीम दो मिनट का मौन रख कर अपनी श्रद्धांजलि देना चाहती थी। वह दुखी हैं कि मैच कमिश्नर ने इसकी इजाजत नहीं दी। कमिश्नर का तर्क था कि एएफसी के नियम इसकी इजाजत नहीं देते। फरीद के अनुसार सिर्फ मदार ही नहीं एक अन्य फुटबालर के परिवार से भी दो लोगों की मौत इस हादसे में हुई। लेकिन वह इस समय टीम का हिस्सा नहीं हैं। मदार अपने मामा के बच्चों की मौत पर काफी आहत नजर आए।


