भारतीय टीम के कार्यवाहक कप्तान वीरेंद्र सहवाग ने कहा है कि वे सुस्त नहीं हैं। श्रीलंका से मैच हारने के बावजूद वीरू ने कहा कि उन्हें नहीं लगता कि टीम की फील्डिंग खराब है। साथ ही, उन्होंने कहा कि रोटेशन पॉलिसी पर धोनी ने हमसे युवाओं को मौका देने की बात की थी। हाल ही में आस्ट्रेलिया से मैच हारने के बाद धोनी ने कहा था कि शीर्ष तीन बल्लेबाज गंभीर, सचिन और सहवाग फील्डिंग में चुस्त नहीं हैं इसलिए उन्हें रोटेट किया जा रहा है।
वह युवाओं को मौका देना चाहते हैं
सहवाग ने कहा, ‘मुझे नहीं पता कि धोनी ने कहा क्या और मीडिया में क्या चल रहा है। धोनी ने हमसे कहा था कि वह युवाओं को मौका देना चाहते हैं, जो टीम के साथ यहां आएं हैं और जिन्हें अगला वर्ल्ड कप खेलना है। उन्हें अंदाजा होना चाहिए कि आस्ट्रेलिया का विकेट किस तरह से व्यवहार करता है। धोनी ने मेरे से, गंभीर, सचिन और टीम के सभी सदस्यों से बात की थी। जहां तक फील्डिंग का सवाल है तो क्या आपने आज मेरा कैच देखा? हम पिछले 10 सालों से एक जैसी ही फील्डिंग कर रहे हैं।’
मैं सभी मैचों के लिए उपलब्ध हूं
जब सहवाग से पूछा गया कि क्या उन्हें इस मामले पर धोनी से बात नहीं करनी चाहिए तो उन्होंने कहा, ‘क्यों, मुझे धोनी से बात करनी चाहिए। वह कप्तान हैं और यदि वह और कोच सोचते हैं कि उन्हें शीर्षक्रम बल्लेबाजों को आराम देने की जरूरत है तो मुझे कोई समस्या नहीं है। मैं सभी मैचों के लिए उपलब्ध हूं। यह कप्तान और कोच पर निर्भर करता है कि वह कौन से 11 खिलाड़ी चुनते हैं। यदि वे मुझे यह कारण बताते हैं कि हम युवाओं को मौका देने जा रहे हैं तो हम ब्रेक ले लेते हैं। मुझे इसमें खुशी होगी।’
वीरू की खेल भावना पड़ी भारी
श्रीलंका के खिलाफ वीरेंद्र सहवाग की खेल भावना टीम इंडिया पर भारी पड़ी। 62 रन की पारी खेलने वाली लाहिरू थिलिमाने जब 43 रन पर खेल रहे थे तब पारी के 40वें ओवर में अश्विन के गेंद फेंकने से पहले ही नॉन स्ट्राइक पर खड़े थिरिमाने क्रीज से बाहर चले गए और अश्विन ने उन्हें रन आउट कर दिया। अंपायर के आउट दिए जाने के बावजूद सहवाग ने थिरिमाने को वापस बुला लिया। सहवाग ने कहा, ‘मेरे विचार से अश्विन ने उन्हें पिछले ओवर में चेतावनी दी थी। इसके बाद उन्होंने थिरिमाने को रन आउट किया। अंपायर बिली बोडेन और पॉल रिफेल ने मुझसे पूछा बातचीत की। उन्होंने कहा कि यदि मैं अपील करता हूं तो वे थिरिमाने को आउट करार दे देंगे। यदि मैं उन्हें आउट दे देता तो लोग मेरी आलोचना करते और कहते कि यह खेल भावना नहीं है। इसलिए मैंने उन्हें एक चेतावनी और देना मुनासिब समझा।’


