भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) और सहारा इंडिया के बीच मतभेद खत्म होने के बजाय बढ़ते दिख रहे हैं। सहारा ने बीसीसीआई की ओर से दिए गए समझौता फॉर्म्युला को मानने से इनकार कर दिया है। इससे पुणे वॉरियर्स का आईपीएल-5 में खेलने पर संकट के बादल मंडराने लगे हैं।
बीसीसीआई वर्किंग कमिटी की बैठक के बाद प्रतिक्रिया देते हुए सहारा कहा कि बीसीसीआई को अपने नियम बदलने का पूरा अधिकार है। सहारा ने संकेत दिया कि वह बीसीसीआई कई ओर से दिए गए समझौता फॉर्म्युला से खुश नहीं है।
इससे पहले बीसीसीआई वर्किंग कमिटी की बैठक खत्म होने के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में बीसीसीआई प्रेज़िडेंट श्रीनिवासन ने कहा कि हमने सहारा को अपना पक्ष बता दिया है और अब हम उनके फैसले का इंतजार कर रहे हैं। श्रीनिवासन ने कहा कि सहारा के साथ विवाद को सार्वजनिक नहीं कर सकते। उन्होंने उम्मीद जताई कि सहारा की ओर से उन्हें सकारात्मक जवाब मिलेगा।
युवराज की खराब सेहत के चलते सहारा ने आईपीएल-5 में अपनी टीम पुणे वॉरियर्स के लिए युवी के रिप्लेसमेंट की मांग की थी। युवराज फिलहाल अमेरिका में कैंसर का इलाज करवा रहे हैं।
गौरतलब है कि युवराज सिंह के रिप्लेसमेंट की मांग पर बोर्ड की तरफ से संतोषजनक जवाब नहीं मिलने के बाद पिछले हफ्ते सहारा ने टीम इंडिया से स्पॉन्सरशिप खत्म करने की बात कही थी। सहारा ने यह भी कहा था कि वह पुणे वॉरियर्स में अपना हिस्सा किसी दूसरी इच्छुक पार्टी को बेचना चाहता है।
सोमवार को चेन्नै में हुई बैठक के बाद बीसीआईआई प्रेज़िडेंट ने साफ कहा कि सहारा के टीम इंडिया की स्पॉन्सरशिप खत्म होने के बावजूद बोर्ड को किसी तरह की दिक्कत नहीं है और उनके पास बहुत से स्पॉन्सर्स हैं। पुणे वॉरियर्स टीम के मुद्दे पर उन्होंने स्पष्ट किया कि बोर्ड की इससे भी कोई दिक्कत नहीं है अगर सहारा आईपीएल की अपनी टीम के लिए कोई पार्टनर लाता है।


