बैंकों के लिए महुआ में निवेश करना किसी बुरे सपने से कम नहीं है। मीडिया कंपनी सेंचुरी कम्युनिकेशन (इसी के तहत देश का पहला भोजपुरी समाचार और मनोरंजन चैनल महुआ लॉन्च किया गया) में बैंकों का करीब 450 करोड़ रुपये का निवेश गैर निष्पादित परिसंपत्ति में तब्दील हो गया है।
इंडियन ओवरसीज बैंक, यूनियन बैंक ऑफ इंडिया और पंजाब नैशनल बैंक समेत करीब 7 से 8 बैंकों के समूह ने सेंचुरी और इसकी सहायक कंपनियों में करीब 1700 से 1800 करोड़ रुपये का निवेश किया है। इनमें से बैंकों का करीब 600 से 700 करोड़ रुपये का कर्ज फंस गया है। सेंचुरी के अलावा, समूह की अन्य कंपनियों- महुआ टीवी और पर्ल मीडिया में भी बैंकों का निवेश है। इंडियन ओवरसीज जैसे कुछ बैंकों ने कर्ज को गैर-निष्पादित परिसंपत्ति मेें तब्दील होने से बचाने के लिए कर्ज का पुनर्गठन किया है। हालांकि इसके लिए बैंकों को उच्च प्रावधान रखने पड़े हैं।
मानक परिसंपत्तियों की प्र्रोविजनिंग के लिए पुनर्गठित खाते में 2 फीसदी रखना पड़ता है। जबकि गैर-पुनर्गठन के मामले में 0.4 फीसदी का प्रावधान बैंकों को रखना पड़ता है।
मीडिया कंपनी ने सभी बैंकों से कहा है कि वे कर्ज का पुनर्गठन करें लेकिन साथ ही कहा है कि वह कुछ बैंकों को ब्याज का भुगतान करने में असमर्थ है। यही वजह है कि यूनियन बैंक ऑफ इंडिया और पंजाब नैशनल बैंक जैसे कर्जदाताओं ने अपने निवेश को गैर-निष्पादित परिसंपत्ति में डाल दिया है। कर्ज को गैर-निष्पादित परिसंपत्ति में बदलने के लिए बैंकों को पहले साल 15 से 20 फीसदी का प्रावधान करना पड़ेगा। हालांकि यह कर्ज की प्रकृति पर निर्भर करता है। बैंक कर्ज पुनर्गठन सेल (सीडीआर) से भी संपर्क करने की योजना बना रहे हैं।
पी के तिवारी प्रवॢतत सेंचुरी कम्युनिकेशन पोस्ट प्रोडक्शन, प्रसारण और मीडिया बाइंग के कारोबार से भी जुड़ी है। कंपनी के पिक्सॉन पोस्ट प्रोडक्शन में डिज़्नी जैसे स्टूडियो के लिए काम होता है। 2008 में तिवारी ने लंदन के दो स्टूडियो मॉलिनेयर और मैन-फ्रॉम मार्स का अधिग्रहण किया था। सेंचुरी कम्युनिकेशन के चेयरमैन और प्रबंध निदेशक तिवारी ने बेटे के साथ पर्ल मीडिया का गठन किया, जो सन नेटवर्क के सभी चैनलों के लिए एयरटाइम (विज्ञापन स्लॉट) की बिक्री करती है।
तिवारी ने ‘न्यू दिल्ली टाइम्स’ नाम से एक फिल्म भी बनाई है, जिसमें शशि कपूर और शर्मिला टैगोर मुख्य भूमिका में थीं। कर्ज पुनर्गठन के बारे में जानकारी के लिए पी के तिवारी और महुआ टीवी के समूह संपादक यशवंत राणा को ईमेल किया गया लेकिन उनका कोई जवाब नहीं आया।
वर्ष 2008 में सेंचुरी कम्युनिकेशन ने दो भोजपुरी चैनल-महुआ और महुआ न्यूज शुरू किए थे। बाद में महुआ बांग्ला और महुआ खबर नाम से बांग्ला में भी चैनल शुरू किया था। हालांकि पिछले महीने महुआ बांग्ला का प्रसारण बंद कर दिया गया और उत्तर प्रदेश एवं उत्तराखंड को ध्यान में रखते हुए महुआ न्यूजलाइन नाम से एक नए चैनल की शुरुआत की।
टैम मीडिया रिसर्च के मुताबिक 25 दिसंबर से 21 जनवरी 2012 के बीच भोजपुरी सामान्य मनोरंजन चैनल खंड में महुआ टीवी की बाजार हिस्सेदारी 100 फीसदी थी। प्रसारण बंद होने से पहले महुआ बांग्ला की बाजार हिस्सेदारी 0.4 फीसदी थी, जबकि जी बांग्ला और स्टार जलसा की हिस्सेदारी क्रमश: 38.3 और 39.3 फीसदी थी। 24 घंटे के बांग्ला समाचार चैनलखंड में महुआ बांग्ला 3.1 फीसदी बाजार हिस्सेदारी के साथ पांचवें स्थान पर थी।


