रिश्तों को नए रूप में देखने का समय आ गया है। अब केवल सुंदरता और सज-धज के बल पर रिश्तों में निकटता व गर्माहट नहीं आती है। रिश्तों को प्रगाढ़ करने के लिए रिझाने के अलावा एक-दूसरे को अपनी बुद्धि और वफादारी का सबूत भी देना पड़ता है।
जहीन साथी सामने वाले साथी को जितनी खुशी दे पाता है उतनी खुशी केवल माटी की मूरत बना साथी नहीं दे सकता है। जो सचमुच जहीन होता है, वह अपने साथी की पसंद भांपकर उसके अनुरूप खुद को ढालता है और अपने साथी को सच्ची खुशी देना चाहता है।
दूसरे साथी को बांधे रखने के लिए समय के अनुसार स्मार्ट दिखना और जीवन में काम आने वाली जानकारी से समृद्ध होना ज्यादा अहम हो गया है। पुरुष व महिला, दोनों की भूमिका ही बदलती जा रही है। आजकल केवल कमाई के दम पर नहीं बल्कि दोस्ताना व्यवहार करने वाले और संवेदनशील पुरुष ही महिला साथी का दिल जीत पाते हैं।
महिलाएं भी केवल चूल्हा-चौका संभालकर और सुंदर चेहरे से पुरुष को सदा प्रेम में बांधे नहीं रह सकती हैं। उन्हें भी एक जहीन दिमाग और साथी को संबल व अपनी शक्ति का भरोसा दिलाने की जरूरत है।
इस वैलेंटाइंस डे के अवसर पर हर जोड़े को चाहिए कि वे अपने व्यक्तित्व को संपूर्णता देने पर अधिक ध्यान दें। साथी को खुश रखने और वश में रखने का यही सही तरीका है। अब प्रेम के मायने शारीरिक आकर्षण से बहुत आगे बढ़ गए हैं। जो प्यार केवल आकर्षण पर आधारित हो वहां बेवफाई का डर अधिक बना रहता है पर जिस प्रेम में मन और दिमाग भी शामिल हो वहां उसका वजूद आसानी से नहीं मिटता है। ऐसे प्रेम में आकर्षण के अनेक पहलू शामिल होते हैं।
व्यवहार-कुशलता, समझदारी, वफादारी, मासूमियत, ईमानदारी, भलाई व समर्पण से भरे रिश्ते व प्यार को आसानी से तोड़ा या भुलाया नहीं जा सकता है। प्यार करने वालों को अपने प्रेम की ऐसी ही नींव डालनी चाहिए। जो जोड़े या साथी प्रेम में तात्कालिकता को तरजीह देते हैं उनका प्रेम पानी के बुलबुले की तरह समाप्त हो जाता है।
प्रेम सही अर्थ में तब सार्थक होता है जब दोनों साथी एक-दूसरे के व्यक्तित्व को संपूर्णता दें। एक-दूसरे की कमियों को पाटने में मदद करें। एक-दूसरे के लिए बेहतर सोचना ही सबसे बड़ा अपनापन का सबूत है। जब दो समझदार लोग जुड़ते हैं तो उनका व्यक्तित्व दिन ब दिन निखरता जाता है। एक-दूसरे के प्रति शंकाएं समाप्त होती जाती हैं और विश्वास का स्तर बढ़ता जाता है। प्यार के पक्के और मजबूत होने का यही पैमाना है ।
न जाने कितने ही लोग किसी को पसंद करते हैं पर प्यार के इजहार की हिम्मत नहीं जुटा पाते हैं। ऐसे तमाम लोगों के लिए वैलेंटाइंस डे एक अच्छा मौका है। कोई भी इस अवसर पर अपनी दोस्ती की बात सभ्य अंदाज में बयान कर सकता है।
इस अवसर पर दोस्ती का इजहार करना खास मायने रखता है। इसमें पसंद करने या प्रेम करने जैसे शब्द के बिना भी केवल मित्रता लफ्ज का इस्तेमाल कर अपनी बात रख सकता है। सामने वाला इसका भीतरी अर्थ प्रेम का संदेश समझते हुए भी ज्यादा खफा नहीं हो पाएगा।
यदि वह इनकार करता या करती है तब भी अधिक बुरा नहीं मानना चाहिए और न ही इससे ज्यादा बेइज्जती होगी। अगर किसी ने आपकी दोस्ती को कबूल कर लिया तो उसके परवान चढ़ने की पूरी गुंजाइश बनती है। इस प्रकार नया रिश्ता शुरू करने और किसी रिश्ते को दीर्घकालिक रूप देने के लिए वेलेंटाइंस डे का अवसर बेहतरीन हो सकता है। इस समय का खूब फायदा उठाइए और साथी के दिल में नया उमंग पैदा कीजिए।


