कंडोम को बहुत से पुरुष झंझट समझते हैं और नसबंदी कराने की हिम्मत भी सभी की नहीं होती। लेकिन अब शोधकर्ताओं ने पुरुषों को आसानी से कंडोम और नसबंदी से छुटकारा पाने की उम्मीद दी है। अल्ट्रासाउंड किरणें इस नई उम्मीद का कारण हैं।
वैज्ञानिकों ने अल्ट्रासाउंड पर आधाराति ऐसी तकनीक विकसित करने की उम्मीद बंधाई हैं जिससे पुरुषों के शुक्राणू में प्रजनन की क्षमता समाप्त हो जाएगी और गर्भ से बचने के लिए कंडोम की जरूरत नहीं पड़ेगी।
स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में साउंडवेव्स का इस्तेमाल कोई नई बात नहीं है। अल्ट्रासाउंड किरणों का काफी पहले से इस्तेमाल किया जा रहा है। लेकिन एक नए शोध में पता चला है कि पुरुषों के अंडकोष को अल्ट्रासाउंड के आगे एक्सपोज करने से शुक्राणु का निर्माण बंद हो जाता है। ज्ञात हो कि रोजाना एक पुरुष के शरीर में कई लाख शुक्राणु विकसित होते हैं और मात्र एक शुक्राणु से ही गर्भ ठहर जाता है।
यूनिवर्सिटी ऑफ नॉर्थ कैरोलीना में चूहों पर किए गए एक शोध से पता चला है कि अंडकोष को अल्ट्रासाउंड किरणों के प्रभाव में लाने पर उसमें शुक्राणुओं का विकास रुक जाता है। शोधकर्ता जोम्स तुसरूता के मुताबकि जब चूहों पर इस प्रक्रिया को दो हफ्ते तक किया गया तो पता चला कि उनकी प्रजनन क्षमता पूरी तरह समाप्त की जा सकती है।
जेम्स कहते हैं कि एक सामान्य पुरुष रोजाना करोड़ों शुक्राणु बनाता है यदि हम मानव शरीर में शुक्राणुओं के बनने की प्रक्रिया को नियंत्रित करने में सफलता पा सके तो यह एक शानदार खोज होगी।
हालांकि अभी इस शोध को और आगे बढ़ाया जाना है और इससे जुड़ी कोई भी तकनीक विकसित करने से पहले ये भी निश्चित करना जरूरी होगा कि इससे मानव शरीर पर क्या प्रभाव पड़ेगा और क्या एक बार शुक्राणु निर्माण को रोककर दोबारा शुरु किया जा सकेगा।


