पॉर्न के दीवाने कम नहीं

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pornकुछ नेता पॉर्न के चक्कर में भले ही नप गए हों , लेकिन लोग भी इसके दीवाने कम नहीं हैं। पब्लिक प्लेस पर भले ही इसकी मनाही हो , लेकिन वे इस मामले में अडवेंचर की हद तक जा सकते हैं। तभी तो पार्किंग से लेकर रेड लाइट तक , ऑफिस से लेकर कॉलेज लैब और साइबर कैफे तक वे इसे खूब एंजॉय करते हैं :

मजे से टाइम पास तक

चुपके - चुपके , यहां - वहां , पॉर्न देखने का गेम यहां चलता ही रहता है। घर से लेकर ऑफिस और स्कूल - कॉलेज से लेकर साइबर कैफे तक में पॉर्न दिल्ली में कहीं भी और कभी भी देख लिए जाते हैं। कभी दोस्तों के साथ मस्ती के लिए , तो कभी अकेले होने पर टाइम पास के लिए इन क्लिपिंग्स को देखना कोई माइंड नहीं करता। यही नहीं , कभी - कभी तो इसके लिए लोग ' डेयरिंग ऐक्ट्स ' भी दिखाते हैं।

मार्केटिंग प्रफेशनल राकेश वत्स अपने कॉलेज डेज याद करते हुए बताते हैं , ' कॉलेज की कंप्यूटर लैब में हमने पॉर्न बहुत देखा है। लड़कियों की एंट्री बैन करने के बाद हम दोस्तों ने इसके खूब मजे लेते थे। हालांकि टीचर्स के आने का डर बराबर लगा रहता था , लेकिन थोड़ा रिस्क लेने का भी तो अपना चार्म होता है। '

वहीं मयंक श्रीवास्तव के लिए यह दिल्ली के ट्रैफिक व पार्किंग में टाइम पास करने का जरिया है। बकौल मयंक , ' कई बार बहुत लंबा जाम होता है , तो दिल बहलाने के लिए इस आइडिया में बुराई क्या है ? फिर जब किसी को शॉपिंग करानी हो और उस टाइम आपका स्टोर्स चेक करने का मूड ना हो , तो भी पार्किंग में बैठकर हम इसे खूब इंजॉय करते हैं। '

वैसे , इस मामले में ऑफिस का भी खूब यूज किया जाता है। ज्यादा जल्दी आने और देर तक रुकने वाले भी तमाम लोगों का ' डेडिकेशन ' आप चेक करने बैठेंगे , तो संभव है वहां भी कुछ पॉर्न निकल आए। ऑफिस के अंकल जी और बैचलर्स की इस मामले में जबर्दस्त जुगलबंदी होती है। आप उनके ' नेट हिस्ट्री ' में ऐसे बहुत से लिंक देख सकते हैं।

छोटी जगह का फंडा

ऑफिस की जिस एक कुर्सी पर पूरा दिन अजस्टमेंट में बीतता है , उतनी जगह पर तो कई कपल्स एक दिन में पॉर्न ऐक्ट तक इंजॉय कर लेते हैं। और ऐसा होता है अपनी साइबर कैफे में। नेट पर सर्च मारकर देखिए , कैफे के क्यूबिकल में क्या कहानी होती है , आपको पता चल जाएगा। वह भी पब्लिक प्लेस ही तो है !

वैसे , पॉर्न स्टफ देखना साइबर कैफेज़ में सेफ तो है ही। और जब आपने स्टफ देख लिया है , तो मूड तो सेट होगा ही। ऐसे में जब कोजी प्लेस में लवर का साथ हो , तो छोटा क्यूबिकल भी बड़ा बन जाता है।

मोबाइल ने चढ़ाया शौक

हाइऐंड गैजट्स के भी लोग खूब दीवाने हैं और एक्सपर्ट्स की मानें , तो बढ़िया मोबाइल फोन पॉर्न का सबसे बड़ा सोर्स बन चुके हैं। मोबाइल की वजह से पॉर्न की पूरी लाइब्रेरी अब लोगों के साथ होती है। जब मूड हुआ और समय मिला , इससे दिल बहला लेते हैं लोग।

बिजनेसमैन पूरब बहल कहते हैं , ' स्मार्टफोन्स और 4 जी जैसी टेक्नॉलजी दूसरी तमाम सुविधाओं के साथ लोगों के लिए पॉर्न देखना भी आसान कर चुकी है। मैंने नोटिस किया है कि ऑफिस के वॉशरूम जैसी जगहों तक पर लोग इसे इंजॉय करते रहते हैं। '