उत्तर प्रदेश के निकाय चुनाव में बीजेपी ने जबरदस्त जीत दर्ज की

लखनऊ (जेएनएन)। भारतीय जनता पार्टी ने केंद्र के बाद उत्तर प्रदेश और अब शहर के चुनाव में अपना परचम लहराया है। भारतीय जनता पार्टी ने महापौर की 16 सीट में से 14 पर जीत दर्ज की। दो सीट पहली बार मेयर के चुनाव में उतरी बहुजन समाज पार्टी के खाते में गई है।

विधानसभा चुनाव के आठ माह बाद हुए प्रदेश के निकाय चुनाव में भी भाजपा को बड़ी जीत मिली है। 16 नगर निगमों में भाजपा ने 14 पर कब्जा जमाया है जबकि अलीगढ़ और मेरठ नगर निगम महापौर की सीट जीतने में बसपा सफल हो गई। सपा और कांग्रेस का खाता भी नहीं खुल सका। नगर पालिका और नगर पंचायतों में भी भाजपा की ही बढ़त है। इनमें अवश्य भाजपा के बाद सर्वाधिक सीटें सपा ने हासिल की है। तीसरे नंबर पर बसपा है। सबसे पीछे रही कांग्रेस अपने उपाध्यक्ष राहुल गांधी के गढ़ अमेठी में भी पिट गई। निर्दलीयों ने भी बड़ी संख्या में जीत दर्ज कराई है।

प्रदेश के 652 नगरीय निकायों में इस बार सभी दलों ने अपने सिंबल पर चुनाव लड़ा। 16 नगर निगम, 198 नगर पालिका परिषद और 438 नगर पंचायतों में चुनाव संपन्न हुए। सिर्फ कौशांबी के भरवारी नगर पालिका परिषद में चुनाव नहीं हुआ। सभी निकायों में 11995 पार्षद/सदस्य के पदों पर भी चुनाव हुए। इनमें नगर निगम पार्षद के 1300, नगर पालिका परिषद के 5261 और नगर पंचायतों के 5434 सदस्य के पद थे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के क्षेत्र काशी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के गोरखपुर समेत अयोध्या व मथुरा में भी भाजपा के ही महापौर जीते हैं। भाजपा 16 नगर निगमों में 14 पर अपना महापौर और 592 वार्डों में पार्षद जिताने में सफल रही। सपा के 201, बसपा के 147 और कांग्रेस के 110 और 222 निर्दलीय पार्षद जीते हैं।

आप के तीन, ऑल इंडिया मजलिस ए इत्तेहादुल के 12 और रालोद के चार पार्षद जीते हैं। अमूमन शहरी क्षेत्रों में बसपा का प्रदर्शन कमजोर होता रहा है लेकिन, इस बार बसपा ने अपना प्रभाव दिखाया। सपा नगर पालिका परिषदों और नगर पंचायतों में मुकाबिल जरूर रही लेकिन, इस बात से इन्कार नहीं किया जा सकता कि उसके नेतृत्व ने इस चुनाव को गंभीरता से नहीं लिया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और संगठन के लोग पूरी ताकत से चुनाव प्रचार कर रहे थे पर, सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव चुनाव प्रचार में नहीं निकले। उनके इस रुख का मतदाताओं पर भी असर पड़ा।

मथुरा में भारतीय जनता पार्टी के मुकेश आर्य बंधु तथा अयोध्या में भाजपा के ऋषिकेश उपाध्याय ने बाजी मारी है। यूपी नगर निगम चुनाव का पहला नतीजा आया। बीजेपी के मुकेश आर्य बंधु जीते, कांग्रेस के मोहन सिंह को हराया। मथुरा नगर न‍िगम चुनाव में कांग्रेस पीछे बीजेपी ने बढ़त बनाई।

फैज़ाबाद अयोध्या नगर निगम पर भाजपा का कब्ज़ा। अयोध्या-फैजाबाद नगर निगम का परिणाम घोषित हो गया। भाजपा प्रत्याशी ऋषिकेश उपाध्याय ने सपा के गुलशन बिंदु को 4600 वोटों के अंतर से हराया। अयोध्या-फैजाबाद को योगी सरकार ने नगर निगम बनाया है।

मेयर पद के चुनाव में सत्ता पर काबिज भाजपा को बसपा से कड़ी टक्कर मिली । मेयर पद के चुनाव में बीते वर्ष सत्ता में रही समाजवादी पार्टी के साथ ही कांग्रेस मुकाबले से बाहर ।

लखनऊ: संयुक्ता भाटिया -जीतीं (बीजेपी)

इलाहाबाद: अभिलाषा गुप्ता -जीतीं (बीजेपी)

अयोध्या: ऋषिकेश उपाध्याय-जीते (बीजेपी)

मुरादाबाद: विनोद अग्रवाल -जीते(बीजेपी)

मथुरा: मुकेश आर्यबंधू -जीते(बीजेपी)

बरेली: उमेश गौतम – जीते (बीजेपी)

कानपुर: प्रमिला पाण्डेय-जीतीं (बीजेपी)

अलीगढ़: मोहम्मद फुरकान-जीते(बसपा)

गोरखपुर: सीताराम जायसवाल-जीते (बीजेपी)

वाराणसी: मृदुला जायसवाल – जीतीं(बीजेपी)

गाजियाबाद: आशा शर्मा -जीतीं (बीजेपी)

मेरठ: सुनीता वर्मा-जीतीं (बसपा)

आगरा: नवीन जैन जीते (बीजेपी)

झांसी: रामतीरथ-जीते (बीजेपी)

सहारनपुर: संजीव वालिया- जीते (बीजेपी)

फिरोजाबाद: नूतन ठाकुर- जीतीं (बीजेपी)।

नगर निगमों का रिजल्ट

अलीगढ़

मो. फुरकान-बसपा-125682

राजीव कुमार-भाजपा-115671

मधूकर शर्मा-कांग्रेस-25837

मुजाहिद किदवई-सपा-16510

आगरा

नवीन कुमार जैन-भाजपा-217881

दिगम्बर सिंह-बसपा-143559

राहुल चतुर्वेदी-सपा-49788

चौधरी बशीर- निर्दलीय-35243

विनोद बंसल-कांग्रेस-22554

अयोध्या-फैजाबाद

ऋषिकेश-भाजपा- 44642

गुलशन बिंदु-सपा-41041

गिरीश चन्द्र-बसपा-6033

शैलेन्द्र मणि-कांग्रेस-3601

इलाहाबाद

अभिलाषा गुप्ता-भाजपा-131297

विनोद चन्द्र दुबे-सपा-67913

विजय सुन्दर लाल-कांग्रेस-64579

रमेश चन्द्र केशरवानी-बसपा-24969

कानपुर नगर

प्रमिला पाण्डेय-भाजपा-396725

बंदना मिश्रा-कांग्रेस 291591

माया गुप्ता-सपा 123074

अर्चना निषाद-बसपा- 82107

गोरखपुर

सीताराम जायसवाल-भाजपा-146187

राहुल सत्यनारायन-सपा-70215

हरेन्द्र यादव-बसपा-34354

राकेश-कांग्रेस -27113

गाजियाबाद

आशा शर्मा-भाजपा-282793

डोली शर्मा-कांग्रेस-119118

मुन्नी चौधरी-बसपा-77033

राशि गर्ग-सपा-40623

मथुरा-वृंदावन

मुकेश-भाजपा-103046

मोहन सिंह-कांग्रेस-80938

गोवर्धन सिंह-बसपा-32655

श्याम मुरारी-सपा-11139

वाराणसी

मृदुला-भाजपा-192188

शलिनि-कांग्रेस-113345

साधना गुप्ता-सपा-99272

सुधा-बसपा-28959

लखनऊ

संयुक्ता भाटिया-भाजपा-377166

मीरा वर्धन-सपा-245810

प्रेमा अवस्थी-कांग्रेस-109571

बुलबुल गोडियाल-बसपा-83120

झांसी

रामतीर्थ सिंघल-भाजपा-77046

बृजेन्द्र कुमार व्यास-बसपा-60673

प्रदीप जैन आदित्य-कांग्रेस-36083

राहुल सक्सेना प्रभात-सपा-14296

सहारनपुर

संजीव वालिया-भाजपा-121201

फजलुर्रहमान-बसपा-119201

शशि कुमार वालिया-कांग्रेस-69270

साजिद कय्युम-सपा-10701

मुरादाबाद

विनोद अग्रवाल-भाजपा-94677

मो. रिजवान कुरैशी-कांग्रेस-73042

मो. युसुफ-सपा-47740

लाखन सिंह सैनी-बसपा-32268

फीरोजाबाद

नूतन राठौर-भाजपा-98932

मशरूर फातिमा-एआइएमआइएम-56536

सावित्री गुप्ता-सपा-45925

पायल राठौर-बसपा-41528

बरेली

उमेश गौतम-भाजपा-139127

इकबाल सिंह तोमर-सपा-126343

अजय शुक्ला-कांग्रेस-21295

मोहम्मद यूसूफ-बसपा-19031

मेरठ

सुनीता-बसपा-234817

कान्ता कर्दम-भाजपा-205235

दीपू मनोठिया-सपा-47153

ममता सूद-कांग्रेस-28794

गोरखपुर में नगर निगम में महापौर पद के भाजपा प्रत्याशी सीताराम जायसवाल ने रिकार्ड जीत के साथ कब्जा जमाया। सीताराम ने सपा के राहुल गुप्ता को 75 हजार से अधिक वोट से पराजित किया। सीताराम को 145992 और राहुल को 70169 वोट मिले। इससे पहले 2006 में भाजपा की अंजू चौधरी लगभग 59 हजार वोटों से जीती थी। इलाहाबाद में महापौर पद की प्रत्याशी अभिलाषा गुप्ता 64000 मतों से विजई घोषित

वाराणसी से भाजपा की प्रत्याशी मृदुला जायसवाल ने कांग्रेस की शालिनी को शिकस्त दी। मृदुला को 1,92188 मत मिले जबकि शालिनी को 1,13345 मत मिले। तीसरे स्थान पर समाजवादी पार्टी की साधना गुप्ता रहीं। मृदुला 77,843 मत से जीतीं। भाजपा ने यहां से लगातार चौथी बार जीत दर्ज की है।

मुरादाबाद से भारतीय जनता पार्टी के विनोद अग्रवाल ने जीत दर्ज की। विनोद ने कांग्रेस के रिजवान कुरैशी को पराजित किया। विनोद ने 21,635 मत से जीत दर्ज की। विनोद अग्रवाल को 94,677 तथा रिजवान को 73,042 वोट मिले। समाजवादी पार्टी के मोहम्मद यूसुफ तीसरे स्थान पर रहे।

पहली बार हुए मथुरा-वृन्दावन नगर निगम चुनाव में मेयर पद के भाजपा प्रत्याशी मुकेश आर्य बंधु 22 हजार 125 वोटों से जीते, उन्होंने कांग्रेस के निकटतम प्रतिद्वंद्वी मोहन सिंह को हराया।

सहारनपुर से भारतीय जनता पार्टी तथा बहुजन समाज पार्टी के प्रत्याशी में पहले तो कांटे का संघर्ष चला। इसके बाद संजीव वालिया बड़ी बढ़त पर आ गए। संजीव वालिया ने बसपा के फजलुर्रहमान को 1996 वोटों से परजित किया। फजलुर्रहमान आगे चल रहे थे लेकिन 14 राउंड के बाद संजीव वालिया ने बढत बनाई और वह जीत तक जारी रही।

मेरठ नगर निगम के महापौर पद पर बसपा की सुनीता वर्मा ने कब्जा जमा लिया। सुनीता ने भाजपा की कांता कर्दम को करीब 25 हजार वोट से पराजित किया। मतगणना शुरू होने से ही सुनीता आगे चल रही थीं। कुछ समय के लिए भाजपा की कांता कर्दम आगे हुईं लेकिन बाद में सुनीता ने उन्हें पछाडते हुए जीत दर्ज कर ली।

महापौर की लड़ाई में 16 पार्टियां शून्य पर

प्रदेश के 16 नगर निगमों में महापौर पद की लड़ाई के लिए मैदान में उतरे 16 राजनीतिक दलों के हिस्से में सिर्फ शून्य ही आया है। इन पदों के लिए कुल 18 पार्टियां मुकाबले में थीं। भाजपा ने 16 में से 14 निगमों पर कब्जा किया, जबकि बाकी दो निगमों में बसपा अपना महापौर बनाने में कामयाब रही है।

महापौर की चौखट से पहले जो मान्यता प्राप्त राजनीतिक दल चारों खाने चित हो गए, उनमें सपा और कांग्रेस भी शामिल है। इसके अलावा आम आदमी पार्टी, ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन, ऑल इंडिया फॉरवर्ड ब्लॉक, जनता दल सेक्युलर, जनता दल यूनाइटेड, नेशनलिस्ट कांग्रेस पार्टी, भारत की कम्युनिस्ट पार्टी माले, भारत की कम्युनिस्ट पार्टी माक्र्सवादी, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी, राष्ट्रीय जनता दल, राष्ट्रीय लोक दल, लोक जनशक्ति पार्टी, शिव सेना व समता पार्टी का भी खाता नहीं खुल सका।