बचपन पर भारी सेक्स

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teenagers sex e news liveनई दिल्ली - आज की टीनएज पीढ़ी के लड़के-लड़कियां एडल्ट फिल्में देखते हैं, सेक्स करते हैं और सेक्स संबंध बनाने के बाद लड़कियां गर्भ निरोधक गोलियों का बेधड़क इस्तेमाल करती हैं। एक वीकली मैग्जीन में छपे सर्वे के मुताबिक मेट्रो शहरों के स्कूलों में पढ़ने वाली हर 100 टीन एजर लड़कियों में से 25 लड़कियां सेक्स कर चुकी हैं।

एक सर्वे के मुताबिक मेट्रो शहरों में पली-बढ़ी ये पीढ़ी एक दिन में 38 घंटे का काम निपटा रही है। इसमें चैटिंग, ब्राउजिंग, फोन पर बातचीत, एसएमएस, शराब पीना और सेक्स तक शामिल है। ये बात भी सामने आई है कि 12वीं में पढ़ने वाले कई छात्र तो हर वक्त पॉकेट में कॉन्डोम लेकर घूमते हैं। ये सोचकर कि न जाने कब इसकी जरुरत पड़ जाए।

मेट्रो शहरों के इन लड़के-लड़कियों के बीच मल्टीपल डेटिंग का कॉन्सेप्ट तेजी से फैल रहा है। यानी एक ही वक्त में एक से ज्यादा बॉयफ्रेंड और गर्लफ्रेंड। इतना करने के बाद भी किसी से कुछ छिपाने की जरुरत नहीं क्योंकि ये पीढ़ी सिर्फ सुविधा के लिए ही दोस्त बनाती है। इस पीढ़ी का मूल मंत्र है नो कमिटमेंट, नो डिमांड, नो प्रॉब्लम। यानी जिस उमर के लड़के-लड़कियों को दुनियादारी के मामले में नादान समझा जाता है। उस उमर में वो रिश्तों की नई परिभाषा गढ़ रहे हैं।

इन टीनएजर्स को पढ़ाई में आगे रहने से ज्यादा इस बात की फिक्र होती है कि उनके फेसबुक प्रोफाइल में उनकी तस्वीर बुरी तो नहीं लग रही।

बचपन को बचाने हेतु आपके सुझाब आमंत्रित है..