कर्नाटक विधानसभा में बहस के दौरान मोबाइल पर अश्लील वीडियो क्लिप देखने का मामला हमारे जनसेवकों के गैरजिम्मेदार आचरण की अति है। यह इतना बड़ा मामला है कि इस्तीफे से उन मंत्रियों का अपराध धुल नहीं जाता। हम एक तरफ खुद को सबसे मजबूत लोकतंत्र बताते हैं, दूसरी ओर हमारे माननीय अपने आचरण से बार-बार सदन की मर्यादा को तार-तार करते हैं। ये सदन में अपशब्द कहते हैं, माइक तोड़ते हैं, हाथापाई करते हैं और चप्पल उछालते हैं। ये सवाल पूछने के पैसे लेते हैं और संसद में नोटों की गड्डियां उछालते हैं।
सदन में अपनी कारगुजारी को अदालत में चुनौती न दिए जाने का अधिकार इन्हें और उद्दंड व निरंकुश बनाता है। गरज यह कि सदन की गरिमा को खंडित करने का हरसंभव काम ये करते हैं। इसके बावजूद वे चाहते हैं कि सदन में उनकी करतूत को कभी, कहीं चुनौती नहीं दी जा सके। इस्तीफा दे चुके इन मंत्रियों का ही उदाहरण लीजिए, तो सदन में मोबाइल ले जाकर ही इन्होंने गैरकानूनी काम किया था।
फिर आरोप उछलने पर इन्होंने सफाई दी कि रेव पार्टियों के खिलाफ कार्रवाई के लिए वे रेव पार्टी के विजुअल्स देख रहे थे! और तो ओर, इस्तीफा देते हुए भी न तो उन मंत्रियों को किसी किस्म का अपराध-बोध था और न ही सूबे के मुख्यमंत्री को। बल्कि उन्होंने तो उन मंत्रियों के 'आचरण' की प्रशंसा की, जिन्होंने शर्म से नहीं, बल्कि पार्टी को मुसीबत से बचाने के लिए इस्तीफे दिए।
एक मंत्री ने तो अपने चुनाव क्षेत्र की बिजली और केबल सेवा काटने तथा अगली सुबह अखबारों का वितरण रुकवाने जैसा कदम भी उठाया, ताकि जनता उनकी करतूत जान न सके। एक तरफ ये खुद को निर्दोष भी बता रहे थे, दूसरी तरफ अपनी कारगुजारी पर परदा डालने की कोशिश भी कर रहे थे। ये तीनों कर्नाटक की भाजपा सरकार के मंत्री थे, पर यह नहीं कह सकते कि दूसरी पार्टियों में यह बुराई नहीं है।
सदन में अश्लील वीडियो क्लिप देखने का हमारे यहां भले ही यह पहला मामला हो, लेकिन सार्वजनिक जीवन में शुचिता और शालीनता की कसौटी पर खरे उतरने का दावा कोई नहीं कर सकता। दिल्ली विधानसभा में एक विधायक द्वारा अपनी महिला सहयोगी को चिकोटी काटने का खुलासा यही बताता है कि उस राज्य के सदन में भी महिलाएं सुरक्षित नहीं हैं, जहां की मुख्यमंत्री एक महिला है। सदन से निष्कासित करना, पार्टी से निकालना या जेल भेज दिया जाना इस समस्या का समाधान नहीं है। ऐसे गैरजिम्मेदार और संवेदनहीन जनप्रतिनिधियों को जनता ही सबक सिखा सकती है।


