इजरायली कार बम हमले की घटना को एक सप्ताह होने को है लेकिन जांचकर्ताओं को इस मामले में अब तक कोई खास सुराग नहीं मिला है।
पिछले सोमवार को प्रधानमंत्री आवास के निकट औरंगजेब रोड पर हुये इस हमले में जहां काले वाहन के इस्तेमाल की संभावना संबंधित खबरें आयी थी वहीं दिल्ली पुलिस इस घटना में लाल रंग के दोपहिया वाहन के इस्तेमाल की खबर पर ध्यान लगा रही है।
घटना में इस्राइली राजनयिक तल येहोशुआ कोरेन और उनके भारतीय ड्राइवर सहित चार लोग घायल हुए थे। इस्राइल ने इस घटना के लिए ईरान पर आरोप लगाया था। जांचकर्ताओं को ईरान के बारे में किसी भी तरह के सुराग नहीं मिले हैं।
पुलिस और इस्राइली अधिकारियों ने घटना को दो बार नाटकीय तौर पर दोहराया। लेकिन कुछ भी सुराग हाथ नहीं लगा। दिल्ली पुलिस आयुक्त बीके गुप्ता ने कहा था कि छानबीन जारी है।
थाइलैंड और जार्जिया में भी हमले हुए थे। इससे पहले सूत्रों ने कहा था कि बैंकाक में सी-4 विस्फोटक का प्रयोग किया था लेकिन उसके बारे में कुछ पता नहीं चल पाया। सूत्रों के मुताबिक बैंकाक और क्वालालंपुर में गिरफ्तार किए गए ईरानियों में कोई भी भारत नहीं आया था क्योंकि आव्रजन दस्तावेजों में उनके पासपोर्ट की प्रविष्टि नहीं है।
पुलिस ने लाल रंग की कुछ मोटरसाइकिलों को जब्त किया और संदिग्धों को हिरासत में लिया लेकिन हमले से किसी प्रकार के सरोकार नहीं होने के कारण बाद में उन्हें छोड़ दिया। हमले के समय ईरान, पाकिस्तान और मध्यपूर्व के देशों को हुए फोन कॉल की भी छानबीन की गयी लेकिन कुछ पता नहीं चला।


