राष्ट्रीय सुरक्षा के कारण रद्द किया समझौता: नारायणसामी

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Canceled due to the security agreement: Narayanasamyप्रधानमंत्री कार्यालय में राज्य मंत्री वी. नारायणसामी ने सोमवार को कहा कि केंद्र सरकार ने एंट्रिक्स कॉरपोरेशन तथा देवास मल्टीमीडिया के बीच समझौता राष्ट्रीय सुरक्षा के कारणों से रद्द किया, न कि स्पेक्ट्रम की बिक्री में राजस्व के तथाकथित नुकसान के कारण।

उन्होंने यह भी कहा कि सरकार की ओर से इस मामले में अंतरिक्ष वैज्ञानिकों एवं भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) के अधिकारियों में कोई भेदभाव नहीं किया जा रहा है। दोषी पाए जाने पर आईएएस अधिकारियों के खिलाफ भी दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।

नारायणसामी ने कहा कि हमने समझौता मीडिया के दबाव या राजस्व के नुकसान के सम्बंध में भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (सीएजी) की रिपोर्ट के कारण रद्द नहीं किया। सरकार ने राष्ट्रीय सुरक्षा के मुद्दे पर इस समझौते का रद्द किया।

उल्लेखनीय है कि मामले की जांच के लिए गठित बी. के. चतुर्वेदी तथा रोदम नरसिम्हा की समिति की अनुशंसा पर सरकार ने 13 जनवरी को चार वैज्ञानिकों- भारतीय अंतरिक्ष शोध संगठन (इसरो) के पूर्व अध्यक्ष जी. माधवन नायर, इसरो के पूर्व वैज्ञानिक सचिव ए. भास्करनारायण, इसरो की वाणिज्यिक शाखा एंट्रिक्स के पूर्व कार्यकारी निदेशक के. आर. सिद्धार्थमूर्ति और इसरो उपग्रह केंद्र के पूर्व निदेशक के. एन. शंकर को भविष्य में किसी भी सरकारी पद या समिति की सदस्यता से प्रतिबंधित कर दिया।

उधर, इसरो के अध्यक्ष के. राधाकृष्णन ने बेंगलुरू में कहा कि इसमें कुछ भी व्यक्तिगत नहीं है। जो कुछ भी है, रपट में है। नारायणसामी ने माधवन नायर के इस आरोप को खारिज कर दिया कि सिन्हा समिति ने उन्हें अपना पक्ष नहीं रखने दिया। उन्होंने कहा कि समिति की रिपोर्ट में साफ कहा गया है कि नायर ने अपना पक्ष लिखित में देने के अतिरिक्त भी सिन्हा से मुलाकात की। अन्य लोगों ने समिति के समक्ष केवल अपना लिखित पक्ष रखा।