उत्तर प्रदेश में मुस्लिमों को रिझाने की कांग्रेस की कोशिश को एक और झटका लगा है। चुनाव आयोग की प्रदेश स्तरीय मीडिया प्रमाणन और निगरानी समिति ने अल्पसंख्यकों के लिए ओबीसी के आरक्षण में आरक्षण पर पार्टी के विज्ञापन को खारिज कर दिया है।
सूत्रों ने कहा कि कांग्रेस पार्टी ने अल्पसंख्यकों के आरक्षण और मनरेगा के मुद्दे पर खासतौर पर उत्तर प्रदेश के लिए तैयार अपने विज्ञापन अभियानों के लिए चुनाव आयोग से मंजूरी मांगी थी जिसे इस काम को देख रही मीडिया प्रमाणन और निगरानी समिति को भेज दिया गया। अल्पसंख्यकों के लिए आरक्षण पर कांग्रेस के विज्ञापन को देखने के बाद समिति ने उसे मंजूरी नहीं दी वहीं मनरेगा वाले इश्तहार को मंजूर कर लिया गया।
इस खबर की पुष्टि करते हुए उत्तर प्रदेश में चुनाव आयोग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि मनरेगा के प्रचार अभियान को समिति ने मंजूर कर लिया है। उत्तर प्रदेश में पार्टी ने मनरेगा और अल्पसंख्यक आरक्षण पर एक-एक ऑडियो विज्ञापन बनाया था। इसके अलावा अल्पसंख्यकों के लिए आरक्षण के मामले में वीडियो विज्ञापन भी तैयार किया गया। मीडिया समिति की नामंजूरी के बाद पार्टी अब अपने विज्ञापन में बदलाव कर रही है और उसे आठ फरवरी से राज्य में शुरू हो रहे सात चरणों के मतदान से पहले जारी कर देगी।
इससे पहले चुनाव आयोग ने कांग्रेस नीत संप्रग सरकार को मुस्लिमों को ओबीसी के आरक्षण में से आरक्षण देने की घोषणा पांच राज्यों में चुनाव पूरा होने तक नहीं करने के लिए कहा था। इस मामले में कानून मंत्री सलमान खुर्शीद भी विवाद में फंसे और उन्हें आयोग ने नोटिस थमाया।


