एम्स में भर्ती फलक की हालत नाजुक

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aiimsदिल्ली के एम्स में भर्ती फलक अब भी जिंदगी और मौत की जंग लड़ रही है। पिटाई से अचेत दो साल की लावारिस बच्ची की हालत शुक्रवार को भी नाजुक बनी हुई है।

 

पिछले हफ्ते अस्पताल में भर्ती कराई गई इस बच्ची का सिर फूटा हुआ था और मस्तिष्क में दाईं ओर खून जमा हुआ था। उसके समूचे शरीर पर इंसान के दांत के निशान थे। पुलिस ने अपहृत बच्ची के माता-पिता की तलाश शुरू कर दी है।

 

18 जनवरी को एक 15 वर्षीया किशोरी बच्ची को अचेतावस्था में अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) लेकर आई थी। उसने खुद को फलक की मां होने का दावा किया था। 

 

पुलिस किशोरी के यौनाचार की शिकार होने की बात से इंकार नहीं कर रही है। किशोरी को बाल सुधार गृह भेज दिया गया है। पुलिस की कई टीमें बच्ची के वास्तविक माता-पिता तथा किशोरी को बच्ची सौंपने वालों की तलाश कर रही हैं।

 

राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग ने इस घटना की निंदा की है तथा पुलिस से मामले की विस्तृत जांच रिपोर्ट 15 दिनों में सौंपने को कहा है।

 

डॉक्टरों ने बच्ची के बचने की मात्र 40 फीसदी संभावना जताई है। शुक्रवार को फॉरेंसिक विशेषज्ञ ने बच्ची फलक के शरीर के जख्मों की जांच की। उन्होंने कहा कि बच्ची के शरीर में कुछ हरकत देखी गई। इस बीच एम्स पहुंची एक महिला खुद को बच्ची की रिश्तेदार होने का दावा कर रही है।

 

बच्ची को फिलहाल वेंटिलेटर से हटा लिया गया है, लेकिन उसे फिर वेंटिलेटर पर रखा जा सकता है। वह बुरी तरह घायल है और उसके सिर में गम्भीर चोटें हैं। इस बीच दिल्ली की मुख्यमंत्री शीला दीक्षित ने बच्ची की हरसम्भव मदद की पेशकश की है।

 

दीक्षित ने यहां संवाददाताओं से कहा, बच्ची के लिए जो कुछ करने की जरूरत पड़ेगी, दिल्ली सरकार वह करेगी, हम उसकी जरूरतें पूरी करेंगे। हम चिकित्सा रिपोर्ट की प्रतीक्षा कर रहे हैं, जो अभी आनी है।

 

पुलिस बच्ची के माता-पिता का पता लगाने का प्रयास कर रही है। उन्हें तलाशने के लिए विभिन्न राज्यों में विशेष टीमें भेजी गई हैं।