गूगल ने अपनी प्राइवेसी पॉलिसी में बदलाव कर दिए हैं. जानकारों की मानें तो भले ही यह आसान लगे, लेकिन इसके लंबे समय में गंभीर नतीजे देखने को मिल सकते हैं.
दरअसल, गूगल के यू ट्यूब, जीमेल, गूगल प्लस और ऑर्कुट समेत 70 से ज्यादा प्रॉडक्ट हैं. अब तक इन में से हर एक के लिए अलग प्राइवेसी पॉलिसी होती थी, जिससे तय होता था कि आपने जो निजी जानकारी इन वेबसाइट पर बांटी है उसका क्या होगा. लेकिन अब सब के लिए एक पॉलिसी है.
गूगल का कहना है कि यह नई पॉलिसी ज्यादा आसान है, लेकिन जानकार इस सोच से सहमत नहीं हैं. जानकारों का कहना है कि अगर आपने गूगल की नई प्राइवेसी पॉलिसी मान ली है तो हो सकता है आप भविष्य में खुद को नई मुश्किल में पाएं.
साइबर क्राइम एक्सपर्ट पवन दुग्गल के मुताबिक, 'अगर आप अच्छी तरह गूगल की नई पॉलिसी के प्रवाधानों को पढ़ें तो आप पाएंगे कि इसके तहत आपके पास गूगल से अपनी जानकारी साझा करने की मनाही की स्वतंत्रता नहीं होगी.'
सिर्फ यही नहीं जानकारों की मानें तो इसके बाद जीमेल या ऑर्कुट में आपने जो निजी जानकारी सेव कर रखी है वो भी गूगल के हाथों में चली गई है.
पवन दुग्गल ने कहा, 'नई पॉलिसी आने के बाद आपका अपनी निजी जानकारी पर कोई नियंत्रण नहीं होगा. जीमेल या अन्य एकाउंट पर सेव आपकी जानकारी गूगल के अन्य 70 प्रोडक्ट बेधड़क साझा करेंगे.'
लेकिन जानकारों का कहना है कि अगर आप गूगल की नई प्राइवेसी पॉलिसी मान चुके हैं तब भी आपके पास खुद को बचाने का कम से कम एक रास्ता जरूर है.
दुग्गल का कहना है, 'अगर आप गूगल के प्रोडक्ट्स में अपनी निजी या बेहद निजी जानकारियां सेव कर रहे हैं तो ऐसा न करें क्योंकि आज के बाद यह सुरक्षित नहीं रहेंगी और हर कोई इन्हें जान लेगा.'
गूगल ने नई प्राइवेसी पॉलिसी पर उठी शंकाओं को लेकर सफाई दी है. गूगल का कहना है, 'निजता को लेकर हमारी नीति में बदलाव नहीं आया है. हम आपकी इजाजत के बिना आपकी निजी जानकारी कभी किसी को नहीं बेचेंगे या बांटेंगे या जब तक कि कोई कानूनी गुजारिश न हो.'


