नई दिल्ली। यदि आप यह सोच रहे हैं कि विशिष्ट पहचान पत्र प्राधिकरण (यूआईडीएआई) की आधार कार्ड योजना फेल हो गई है, तो आप गलत हैं। केंद्र सरकार इस पर कितना गंभीर है, यह बात शुक्रवार शाम तब सिद्ध हुई, जब गृह मंत्रालय और योजना आयोग ने आपसी मतभेद खत्म कर लिये। साथ ही देश के 16 राज्यों व संघ शासित प्रदेशों में नामांकन प्रक्रिया जारी रहेगी। साथ ही कैबिनेट ने 40 करोड़ अतिरिक्त आधार कार्ड बनाने के प्रस्ताव पर अपनी सहमति प्रदान कर दी है।
आयोग और मंत्रायल के बीच हुई बैठक में यूआईडीएआई के चेयरमैन नंदन नीलेकणि भी शामिल हुए। उन्होंने दोनों को भरोसा दिलाया कि इस कार्ड का दुरुपयोग नहीं किया जा सकेगा। साथ ही सुरक्षा से जुड़ी चिंताओं को दूर करने की बात कही। नीलेकणि ने कहा कि यूआईडीएआई और नेशनल पॉपुलेशन रजिस्टर (एनपीआर) नामांकन वर्ष 2013 तक पूरी कर ली जायेगी।
कैबिनेट द्वारा अतिरिक्त कार्ड बनाने पर सहमति दिये जाने के बाद गृहमंत्री पी चिदंबरम ने कहा कि आगे का काम शुरु करने से पहले इस प्रोजेक्ट की समीक्षा की जाएगी। बाकी पॉपुलेशन रजिस्टर का काम यथावत चलता रहेगा। यूआईडी के लिए बायोमेट्रिक डाटा का संग्रह केवल एक प्राधिकरण ही करेगा। लगभग 8,850 करोड़ रुपये की इस योजना के अंतर्गत आने वाले यूआईडी कार्ड का उपयोग सभी सरकारी व निजी संस्थानों में आईडी के रूप में किया जा सकेगा।


