भारत से मुकाबले को पाकिस्‍तानी वायु सेना ने मिलाया चीन से हाथ

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Compared to India, Pakistan Air Force joined hands with Chinaपाकिस्‍तान की वायुसेना जंग के सामान बनाने की बजाय आई पैड पर काम कर ही है। इस काम में पाकिस्‍तान का बेहद करीबी चीन मदद कर रहा है।

कामरा स्थित वायु सेना के अति सुरक्षित परिसर में जेट लड़ाकू विमान और जंग के लिए हथियार बनाए जाते हैं लेकिन यहां मौजूद सैनिक आई पैड के स्‍वदेशी संस्‍करण पर काम कर रहे हैं।

पाकिस्‍तानी वायु सेना के इस परिसर में पाकिस्‍तान की इंजीनियरिंग और चीन के हार्डवेयर का मिला जुला रूप दिखाई देता है। यह पाकिस्‍तानी सेना के उपभोक्‍ता बाजार में कदम रखने की ओर एक संकेत है। इसके समर्थक कहते हैं कि ऐसा होने से टेक्‍नोलॉजी के क्षेत्र में पाकिस्‍तान का आत्‍मसम्‍मान बढ़ेगा जो भारत की उच्‍च तकनीक के चलते कमजोर पड़ गया है।

कमर्शियल प्रोडक्‍ट्स मैन्‍युफैक्‍चरिंग सेल (सीपीएमसी) के नाम से चले इस ज्‍वाइंट वेंचर में हांग कांग स्थित इन्‍नावटेक इंटरनेशनल लि. पाकिस्‍तानी वायु सेना का सहयोग कर रही है। यहां बनने वाले प्रोडक्‍ट पीएसी के ब्रांड नेम से बिकते हैं। पीएसी पाकिस्‍तान एयरोनॉटिकल कॉम्‍प्‍लेक्‍स का छोटा रूप है। अभी तक यहां से तीन प्रोडक्‍ट लॉन्‍च किए गए हैं। इनमें नोट बुक और ई बुक शामिल हैं।

कामरा एयरफोर्स स्‍टेशन से सटे रावलपिंडी में कई ऐसी दुकानें हैं जहां वायु सेना कैंपस में बने आई पैड बिकते हैं। यहां के एक दुकानदार मोहम्‍मद इमरान ने बताया, ‘ऑरिजिनल आई पैड है, जबकि पीएसी पैड इसकी कॉपी है।’ यह डिवाइस एंड्रॉयड 2.3 पर चलता है। इसकी कीमत 200 डॉलर के करीब है।