नई दिल्ली। एनसीटीसी मुद्दे समेत कई और मुद्दों पर बिफरी पश्चिमी बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बेनर्जी आज प्रधानमंत्री से मिल रही हैं। इस मुलाकात के बाद ममता शांत हो सकेंगी या नहीं यह तो समय ही बताएगा लेकिन फिलहाल उनके तेवर बड़े सख्त हैं। उन्होंने केंद्र सरकार से अपना दामन अलग कर लेने तक के संकेत दिए हैं। ऐसे में यह बैठक बेहद अहम माना जा रही है।
फरक्का बांध मुद्दे के जल्द निपटारे के लिए पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी आज प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह से मुलाकात करेंगी। इस मुलाकात में वह गोरखालैंड क्षेत्रीय प्रशासन के मुद्दे को भी उठाएंगी। तृणमूल कांग्रेस के लोकसभा में 19 सदस्य हैं।
बुधवार को होने वाली बैठक इसलिए अहम हो गई है क्योंकि ममता पिछले कुछ समय से लगातार सरकार के विभिन्न प्रस्तावों का विरोध करती रही हैं। प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के साथ मुलाकात से पहले काग्रेस ने कहा कि एनसीटीसी के खिलाफ ममता बनर्जी के विरोध को तवज्जो नहीं देते हुए कहा कि पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री के लिए कुछ चिंताएं अस्वाभाविक नहीं हैं।
काग्रेस के वरिष्ठ नेता शकील अहमद ने कहा कि वह अपनी पार्टी की अध्यक्ष और मुख्यमंत्री हैं। उनकी कुछ चिंताएं हैं और मैं इसे निराधार नहीं मानता। अहमद पश्चिम बंगाल में पार्टी मामलों के प्रभारी भी हैं।
अहमद ने एनसीटीसी समेत अन्य मुद्दों पर ममता के तल्ख रवैये पर कहा कि गठबंधन सहयोगियों के बीच विचारों की भिन्नता असामान्य नहीं है। अगर दोनों गठबंधन सहयोगी चर्चा करते हैं और कोई रास्ता निकल ही आता है।
कार्यक्रम में शामिल न हो पाने को पहले ही किया था सूचित
- पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के शनिवार को कोलकाता के पास एनएसजी हब उद्घाटन समारोह में शामिल नहीं होने के बारे में पूर्व में ही ममता बेनर्जी ने गृह मंत्री पी चिदंबरम को लिख कर सूचित कर दिया था। अपने पत्र में उन्होंने लिखा था कि वह कुछ आवश्यक व्यस्तताओं के चलते कार्यक्रम में शामिल नहीं हो सकेंगी।
ममता ने 13 फरवरी को चिदंबरम को पत्र लिखकर सूचित कर दिया था कि पूर्व निर्धारित आवश्यक व्यस्तताओं के कारण वह कार्यक्रम में शामिल नहीं हो पाएंगी।
अपने पत्र में गृह मंत्री से यह भी कहा था कि यह कार्यक्रम पूर्व में कई बार स्थगित हो चुका है और इस बार इसका आयोजन नहीं टाला जाना चाहिए। ममता ने यह भी सूचित किया था कि वह कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री मुकुल राय तथा ज्योतिप्रिय मलिक को भेजेंगी। मुंबई में हुए आतंकी हमले के बाद तैयार योजना के तहत कोलकाता में एनएसजी केंद्र स्थापित किया गया है।


