प्रख्यात सामाजिक कार्यकर्ता अन्ना हजारे को ग्रामीण विकास में उनके योगदान के लिए दिल्ली स्थित एक संगठन 25 लाख रुपए का पुरस्कार प्रदान करेगा।
हजारे के सहायक दत्ता अवारी ने रालेगण सिद्धी से बताया कि यह पुरस्कार 23 फरवरी को नई दिल्ली में प्रदान किया जाएगा। यह पुरस्कार सीताराम जिन्दल फाउंडेशन की ओर से शुरू किया गया है।
शनिवार को हजारे कोर कमेटी के सदस्य अरविन्द केजरीवाल के साथ अपने पैतृक गांव रालेगण सिद्धी लौटे थे। इससे पूर्व वह बेंगलुरु में अपने कफ, पीठ के दर्द तथा हाथ-पांव की सूजन का आयुर्वेदिक इलाज करवा रहे थे।
हजारे 29 जनवरी को रालेगण सिद्धी से रवाना हुए थे और अपनी पूरी स्वास्थ्य जांच के लिए गुडगांव के एक अस्पताल गए थे। इसके बाद वह 31 जनवरी को बेंगलुरु गए थे।
अवारी ने बताया कि हजारे को नियमित पैदल चलने की सलाह दी गई है और वह गांव का चक्कर लगाते हैं। इस दौरान वह निर्माणाधीन आईटीआई इमारत की निगरानी करते हैं और गांववालों से मिलते हैं।
हजारे ने कल बंदा महाराज करादकर से मुलाकात की और राज्य सड़कों पर चुंगी लगाए जाने का विरोध किया। हजारे चुंगी नीति का यह कहकर मुखर विरोध कर चुके हैं कि लोगों से खराब ढंग से बनाई गई सड़कों के लिए चुंगी वसूल की जा रही है।


