सुप्रीम कोर्ट की बनाई विशेषज्ञ समिति ने श्रीपद्मनाभ मंदिर के तहखाने में मिले बेशकीमती खजाने की वैज्ञानिक तरीके से सूची बनानी शुरू कर दी है। सोमवार को शुरू हुए इस काम से पता चल सकेगा कि खजाने में क्या क्या और कितना है। यह समिति इस खजाने की सामग्री की कीमत का आकलन नहीं करेगी। अनुमान है कि यह करीब एक लाख करोड़ रुपए का है।
प्रख्यात संरक्षणवादी डॉ. एमवी नायर की अध्यक्षता वाली यह समिति एक पूरी योजना के अनुसार यह काम कर रही है। इसमें इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स और उपकरणों का उपयोग किया जा रहा है। मंदिर के सूत्रों के मुताबिक समिति शुरू में दो तहखाने खोलेगी।
इनमें चांदी व पीतल के बर्तन और लैंप जैसे सामान हैं जिन्हें साल में दो बार त्योहारों के समय बाहर लाया जाता है।
दस्तावेज तैयार करने का यह काम हाईकोर्ट के पूर्व जज एमएन कृष्णन की अध्यक्षता में बनी निगरानी समिति के साथ संयुक्त रूप किया जा रहा है।
इस निगरानी समिति का भी गठन सुप्रीम कोर्ट ने किया था। निगरानी समिति ने पिछले साल मंदिर के छह में से चार तहखाने खोले तो यहां बेशकीमती खजाना पाया गया। इसके चलते मंदिर दुनियाभर में चर्चा का विषय बन गया।


