वेबसाइट और ई-मेल पर जरा-सी चूक पर आप हैकिंग के शिकार हो सकते हैं। अपरिचितों मेल आए तो भी जवाब देते समय सजग रहिए। बेहतर होगा कि जवाब न दें। अन्यथा अपरिचित अगर हैकर रहा तो आपके जवाब देते ही वह आपका पासवर्ड जान जाएगा और आपकी पूरी गोपनीयता को पलक झपकते ही हासिल कर लेगा।
शोधकर्ताओं ने दिए बचने के TIPS
इससे आप ब्लैकमेलिंग के भी शिकार हो सकते हैं। यह जानकारी आईआईटी मुंबई के शोधकर्ताओं ने दी। वे शुक्रवार को बीएचयू के केएन उडप्पा सभागार में विद्यार्थियों को साइबर क्राइम से बचाने संबंधी कार्यशाला के अंतिम सत्र में विद्यार्थियों को व्यावहारिक जानकारी दे रहे थे। उन्होंने सभागार में मौजूद प्रतिभागियों द्वारा दिए गए ई-मेल के जवाब के आधार उनके ई-मेल को हैक करके भी दिखाया। यह देख विद्यार्थी चौंक गए।
बीएचयू छात्र परिषद के संयोजन में आयोजित इस कार्यशाला में आईआईटी मुंबई के टेकफेस्ट विंग और इंटेलिजेंस ब्यूरो की सेवाएं देने वाली कंपनी टेक डिफेंस की ओर से विजित बख्शी, दिग्विजय सिंह, रवि कुमार आदि मौजूद थे। कार्यशाला में बीएचयू के अलावा सनबीम समूह, शेपा इंस्टीट्यूट और माइक्रोटेक कालेज आफ मैनेजमेंट एंड टेक्नालाजी के विद्यार्थी शामिल हुए।
हैकिंग से बचने को यह जानना जरूरी
-अपने कंप्यूटर में एंटी वायरस जरूर लोड करें, पासवर्ड सावधानी से डालें
-वायरस एक कोड है जिसका गलत उपयोग होता है, उससे कोई भी कंप्यूटर सिस्टम हैक हो सकता है
-ऐसा ही दूसरा दुरुपयोगी तत्व वार्म (डब्ल्यूओआरएम) है। उससे नेटवर्क हैक हो जाता है
-तीसरा दुरुपयोगी तत्व ट्राजेन (टीआरजेडओएन) है। यह प्रत्यक्ष और परोक्ष रूप में हैकर प्रयोग करता है
-प्रत्यक्ष तौर पर हैकर आपका पासवर्ड जानते हुए आपके ई-मेल और सिस्टम को हैक कर सकता है
-परोक्ष तौर पर हैकर आपको ई-मेल भेजकर आपका जवाब पाते ही आपके सिस्टम, मेल को हैक कर सकता है


