दिल्ली के रोहिणी में पत्नी और बेटे के मर्डर के इल्जाम में गिरफ्तार नितिन मैनी (30) ने इस वारदात की वजह श्वेता की दूसरी शादी बताई। हत्या के आरोपी पति ने पुलिस को बयान दिया है कि पिछले महीने ही श्वेता ने दिलशाद गार्डन में रहने वाले अपने दोस्त से शादी कर ली थी। इसके बाद से वह बेहद तनाव में रहा, लेकिन उसने अपने इरादों के बारे में सबको अंधेरे में रखा। उसने मर्डर के लिए अपनी लव मैरिज की सालगिरह की रात चुनी।
मौत से पहले ड्रग्स का संदेह
नितिन का बयान है कि उसने पहले सोई हुई श्वेता का गला चुन्नी से घोंटा और बाद में चार साल के बेटे का दम घोंटकर उसे मारा। इसके बाद नितिन ने खुद पर कैंची से तीन वार किए लेकिन बच गया। इस कमरे की साइड में दूसरे कमरे में सोए नितिन के भाइयों रोहित और शिवम के अलावा कमरे के बाहर सोई उनकी मां सुषमा को कोई आवाज सुनाई नहीं पड़ी। इस वजह से शक है कि मारने से पहले नितिन ने श्वेता और गर्व को कोई नशीला पदार्थ खिलाया हो सकता है, लेकिन इसकी पुष्टि पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट से ही संभव है। अगर नशीला पदार्थ खिलाया गया तो नितिन ने उसे किससे मंगाया था? श्वेता के भाई सुमित के मुताबिक, दोनों शव नीले पड़े हुए थे।
मायके वालों का इल्जाम
भोगल निवासी श्वेता के पिता दिनेश वर्मा ने नितिन को इस डबल मर्डर का मुलजिम मानने से इनकार कर दिया। उन्होंने कहा कि विकलांग होने की वजह से वह मर्डर नहीं कर सकता। श्वेता के भाई सुमित ने डबल मर्डर का आरोप नितिन के परिवार पर लगाया। नितिन को रोड एक्सिडेंट के मुआवजे में 21 लाख रुपये मिले थे, जिनमें 17 लाख की एफडी के नॉमिनी श्वेता और गर्व थे। उनका कहना है कि इसी रकम की वजह से डबल मर्डर हुआ है। दूसरी ओर, नितिन की मां सुषमा ने वारदात का शक श्वेता पर जताया। उन्होंने कहा कि श्वेता ने पहले बेटे को मारा और उसके बाद आत्महत्या की। पुलिस ने इन दोनों ही थ्योरी को खारिज कर दिया।
छह साल पहले हुई शुरुआत
इस दुखद वारदात की शुरुआत छह साल पहले हुई थी। करनाल से आउटर दिल्ली के रामा विहार में आकर बसे महेंद्रपाल का बड़ा बेटा नितिन साउथ एक्स में किचन इंटीरियर डेकोरेटर का काम करता था। भोगल निवासी श्वेता वर्मा से उसकी मुलाकात साउथ एक्स में हुई थी। दोनों ने शादी का फैसला किया। श्वेता के परिवार के विरोध के बावजूद श्वेता की उम्र 18 साल होते ही उन्होंने पटियाला हाउस कोर्ट में शादी कर ली। दोनों भोगल में रहने लगे। वहीं उनके बेटे गर्व का जन्म हुआ।
शिफ्ट होने पर शुरू हुई मुसीबतें
तीन साल पहले नितिन पत्नी और बेटे को लेकर अपने माता - पिता और दोनों छोटे भाइयों रोहित और शिवम के साथ रहने रोहिणी के सेक्टर 22 में आ गया। यहीं से उन पर मुसीबतों का पहाड़ टूटा। यहां आने के 12 दिन बाद नितिन बाइक पर दिल्ली कैंट से गुजर रहा था। अचानक आर्मी के ट्रक ने यू टर्न लिया और नितिन की बाइक उससे टकरा गई। इस एक्सिडेंट में नितिन के सीने के नीचे का हिस्सा अपंग हो गया। अब वह किसी सहारे के बिना बिस्तर पर बैठ भी नहीं सकता था।
डिप्रेशन और चिड़चिड़ापन
नितिन के ममेरे भाई विपिन खन्ना ने बताया कि कुछ दिनों से उसके स्वभाव में चिड़चिड़ापन आ गया था। डीसीपी बी . एस . जायसवाल के मुताबिक , पत्नी पर शक के कारण वह डिप्रेशन में था। पारिवारिक मित्र तरुण अरोड़ा के मुताबिक , पूरा परिवार नितिन का बहुत ख्याल रखता था। छोटे भाइयों रोहित और शिवम ने नितिन को लैपटॉप लाकर दिया था , जिसे वह लेटे हुए चलाता रहता था। दो लोग सहारा देकर उसे व्हील चेयर पर बिठाते थे। नितिन को इलाज के लिए वसंत कुंज में ' इंडियन स्पाइनल इंजरी सेंटर ' में ले जाया जाता था।
दो दिन पहले लौटी थी श्वेता
श्वेता अपने भतीजे का जन्म होने पर अपने मायके में 10 दिन रहने के बाद मंगलवार को वापस लौटी थी। सुषमा के मुताबिक , रात में शादी की सालगिरह सेलिब्रेट करने के बाद श्वेता यह कहते हुए गर्व को उनकी गोद से ले गई थी कि सुबह उसे स्कूल जाना है। गर्व रोहिणी सेक्टर 22 में स्थित जी . डी . गोयनका स्कूल में केजी में पढ़ता था। श्वेता के भाई सुमित ने माना कि उन्होंने श्वेता की शादी नितिन के भाई रोहित से करने का प्रस्ताव भी रखा था। श्वेता और नितिन के लिए रोहिणी इलाका शुभ साबित नहीं हुआ। यहां शिफ्ट होने के बाद पहले नितिन विकलांग हुआ , फिर एक शाम स्नैचरों ने श्वेता का बैग इतनी जोर से खींचा था कि वह सड़क पर गिर पड़ी। उनका सिर सड़क में लगने से वह जख्मी हो गई थी।


