अपनी मौत के 64 साल बाद महात्मा गांधी ने 'गिनीज बुक' में एक नया विश्व रिकॉर्ड बनाया, जब वंचित तबके से ताल्लुक रखने वाले 485 बच्चों ने ‘बापू’ की वेशभूषा में एक शांति मार्च निकाला।
इन बच्चों ने खादी के वस्त्र पहन रखे थे गांधी टोपी लगा रखी थी और गांधीजी की तरह का चश्मा लगा रखा था। हाथ में लाठी थामे बच्चों ने गांधी जी की ऐतिहासिक डांडी यात्रा की स्मृतियों को जीवंत कर दिया।
दस से 16 साल की उम्र के इन बच्चों ने मध्य कोलकाता के मायो रोड पर शांति मार्च निकाला। राष्ट्रपिता के मूल्यों और सिद्धांतों के साथ इन बच्चोंे ने सत्य न्याय और अहिंसा का संदेश दिया।
आयोजन का मूल्यांकन और निरीक्षण करने के बाद गिनीज बुक के अधिकारियों ने ब्रिटिश आयोजकों ट्रैक्स (ट्रेनिंग रिसोर्स एंड केयर फॉर किड्स) को प्रमाण-पत्र दिया।


