मजहबी आरक्षण विरोध की आड़ में हिंदुत्व

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Hindutva in the guise of anti-religious book - भाजपा का चुनाव घोषणा पत्र जारी

- मजहबी आरक्षण समाप्त करने का एलान

लखनऊ,: कांग्रेस पर मुस्लिम वोट बैंक की राजनीति का आरोप लगा रही भाजपा ने अपने चुनाव घोषणा पत्र में शुक्रवार को मजहबी आरक्षण समाप्त करने का एलान किया। इसके साथ ही पार्टी ने विधानसभा चुनाव में पिछड़ा कार्ड चलने के इरादे जता दिए।

उच्च वर्ग को लुभाने के लिए सामान्य निर्धन वर्ग आयोग गठित करने का फैसला लेकर अपना जातीय गणित संवारने का प्रयास किया है। युवाओं को आकर्षित करने के लिए एक करोड़ रोजगार के अवसर और छात्रों को पांच हजार रुपये में लैपटाप व हजार रुपये में टैबलेट देने की बात भी कही। गरीब छात्रों को लैपटाप और टैबलेट मुफ्त में मिलेगा। साथ ही बीपीएल परिवारों को मुफ्त में दुधारू गाय देने का वादा भी किया है।

शुक्रवार को घोषणा पत्र जारी करने के समय कलराज मिश्र, ओमप्रकाश सिंह, उमा भारती, मुख्तार अब्बास नकवी व सूर्य प्रताप शाही आदि ने मजहबी आरक्षण के मुद्दे पर हिंदुओं खासकर पिछड़ा वर्ग की सहानुभूति लेने को कांग्रेस, सपा और बसपा को संविधान विरोधी करार देने में कोई कसर नहीं छोड़ी। भाजपा को भरोसा है कि बेअसर होते राम मंदिर निर्माण मुद्दे के बदले मजहबी आरक्षण पर उसका दांव चल सकता है, सो मंदिर निर्माण के सवाल को बाधाएं दूर करने तक सीमित रखा जबकि ओबीसी आरक्षण में अल्पसंख्यकों को 4.5 प्रतिशत कोटे को सत्ता में आते ही समाप्त करने की घोषणा की।

कांग्रेस के अल्पसंख्यक आरक्षण कोटे को 4.5 प्रतिशत से नौ तथा सपा के 18 प्रतिशत आरक्षण देने के वादे को साम्प्रदायिकता फैलाने वाला बता भाजपा ने पिछड़ा हित की आड़ में हिंदुत्व लहर पैदा करने की रणनीति तय की है। इसी क्रम में सवर्ण वर्ग को लुभाने के लिए 'सामान्य निर्धन वर्ग आयोग' बनाने का फैसला बिहार की राजग सरकार की तर्ज पर लिया गया। आयोग गरीब सवर्णो के विकास को अपनी रिपोर्ट छह माह के अन्दर देगा।

घोषणा पत्र में अति पिछड़ों को भी ध्यान रखा गया। अनुसूचित जाति वर्ग में शामिल होने को आंदोलित करीब 16 अतिपिछड़ी जातियों की मांग पूरी करने का वादा किया गया। इसी तरह दलितों में अति दलितों के विकास की चिन्ता भी भाजपा ने जताते हुए उनके लिए विशेष योजनाएं बनाने का भरोसा दिलाया। बसपा शासन काल में बने पार्कों व स्मारकों में संत रविदास, कबीर, महर्षि वाल्मीकि और झलकारी बाई जैसी विभूतियों की प्रतिमाएं लाने का एलान कर बसपा के दलित कार्ड में फांस पैदा की।

वोटों का जातीय समीकरण दुरुस्त करने के साथ ही भाजपा के घोषणा पत्र में बसपा व सपा के कुशासन व भ्रष्टाचार के आरोपों पर सीधी चोट करते हुए जांच आयोग बनाने और भ्रष्ट साबित लोगों की सम्पत्ति जब्त करने का फैसला लिया। सुशासन की दिशा में सरकारी विभागों में सिटीजन चार्टर लागू करने और लोकायुक्त को शक्तिशाली बनाते हुए मुख्यमंत्री को जाच दायरे में लाने का वादा किया। पुलिस प्रशासन को राजनीतिक हस्तक्षेप से मुक्त रखने और एक लाख सिपाही भर्ती करने की घोषणा की।

युवाओं व किसानों पर मेहरबानी

भाजपा की नजर इस बार बने करीब 54 लाख युवा मतदाताओं पर रही। युवा आयोग बनाने के अलावा पांच वर्ष में रोजगार एक करोड़ नए अवसर पैदा करने, बेरोजगारों को हर महीने दो हजार रुपए भत्ता देने के वादे के साथ ही क्रेडिट कार्ड जारी कर कम ब्याज दरों पर एक लाख रुपए की कर्ज उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया। शिक्षा आयोग के गठन तथा बजट का दस प्रतिशत शिक्षा पर व्यय किए जाने, युवा अधिवक्ताओं को तीन वर्ष तक आर्थिक सहायता की बात भी कही है।

इसी तरह किसानों को एक प्रतिशत ब्याज, एक लाख का कृषि ऋण माफी माफ करने के वादे के साथ 24 घटे बिजली देने के तथा उपज का केन्द्र से घोषित न्यूनतम समर्थन मूल्य पर प्रति क्विंटल 125 रुपए बोनस और उत्पादन लागत पर 50 प्रतिशत लाभ देने का भरोसा दिलाया है। अलग कृषि बजट की व्यवस्था के साथ गन्ने का दाम न्यूनतम 300 रुपए प्रति क्विंटल करने का वादा भी किया।

जागा उर्दू प्रेम : भाजपा के 72 पृष्ठ वाले घोषणा पत्र में न्याय सबको, तुष्टिकरण किसी का नही के वादे के साथ मुस्लिमों के कल्याण की कई योजनाएं दर्ज है। पहली बार भाजपा का उर्दू प्रेम भी दिखा और विकास की बातें की। महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत तथा निकायों में 50 प्रतिशत आरक्षण का वादा किया। बालिकाओं के लिए मध्य प्रदेश में चल रही कल्याणकारी योजनाएं यूपी में भी लागू की जाएगी।

 

नोट : समाचार के साथ घोषणा पत्र के प्रमुख बिन्दु भी दिए गए हैं।

 

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इनसेट - एक

यह हैं प्रमुख वादे

- अल्पसंख्यकों का आरक्षण का कोटा खत्म होगा।

- राम मंदिर निर्माण के मार्ग में आने वाली बाधाएं हटेंगी।

- बीपीएल परिवारों को मुफ्त में एक दुधारु गाय।

- लोकायुक्त के दायरे में मुख्यमंत्री को भी शामिल किया जाएगा।

-कक्षा 12 तक गरीब विद्यार्थियों को किताबें, ड्रेस मुफ्त।

-छात्रों को 1000 रुपये में टैबलेट कम्प्यूटर व 5000 रु में लैपटॉप।

- एक लाख तक के कृषि ऋण माफ होंगे। कल्याण आयोग बनेगा।

- एक करोड़ रोजगार के अवसर। युवा आयोग का भी होगा गठन।

- बेरोजगारों को दो हजार रुपये महीना भत्ता।

- विधवा पेंशन 15 सौ व वृद्धावस्था पेंशन 2000 रु की जायेगी

- 24 घंटे बिजली। 20 हजार मेगावाट बिजली का उत्पादन।

- 2017 तक सबको सस्ता मकान।

- लखनऊ, कानपुर, इलाहाबाद, वाराणसी, आगरा व गोरखपुर जैसे शहरों में मेट्रो व रैपिड ट्रासपोर्ट

- गुजरात की तर्ज पर ई विश्व ग्राम की स्थापना।

- एम्स जैसे चार अत्याधुनिक अस्पताल बनेंगे।

-बाल हृदय सुरक्षा योजना। 2 लाख रु तक का खर्च सरकार के जिम्मे।

- नौकरियों में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण।

-स्थानीय निकाय एवं पंचायत चुनाव में 50 प्रतिशत आरक्षण।

- लाडली लक्ष्मी योजना। हर लड़की को जन्म पर 30 हजार रुपये।

- गरीब परिवार की लड़कियों को शादी के समय दो लाख रुपये।

- नवविवाहिता गरीब महिला को कुटीर उद्योग के लिए कर्ज।

- पुलिस एवं पीएसी में रानी लक्ष्मी बाई बटालियन का गठन

- 65 वर्ष से अधिक आयु वाले अशक्त व निराश्रित को मुफ्त खाद्यान्न

- युवा अधिवक्ताओं को पहले तीन वर्ष तक आर्थिक सहायता

- पूर्वी उत्तर प्रदेश का विकास बिहार मॉडल पर।

- पूर्वाचल को विशेष आर्थिक पैकेज - बुंदेलखंड के विकास को इजराइल मॉडल को अपनाया जाएगा।