आज 4600 करोड़ की मालकिन है,मात्र 10,000 रुपए से शुरू किया था

Hits: 309 smaller text tool iconmedium text tool iconlarger text tool icon

owner of 4600 millionमेहनत और लगन से कुछ भी किया जा सकता है। इसका एक बहुत बड़ा उदाहरण हैं भारत की सबसे बड़ी और ख्याति प्राप्त कंपनी बायोकॉन लिमिटेड की चेयरमैन और एमडी किरण शॉ मजूमदार।

उन्होंने अच्छी पढ़ाई तो की लेकिन उनके पास अपना बिजनेस करने के लिए पैसे नहीं थे। फिर भी हिम्मत करके उन्होंने अपना काम शुरू किया और वह भी महज 10,000 रुपए से। इसके बाद उन्होंने तमाम कठिनाइयों का सामना किया और कई बार तो उन्हें लगा कि काम बंद करना पड़ेगा। लेकिन उन्होंने दिन रात मेहनत की और 2004 में भारत की सबसे दौलतमंद महिला होने का गौरव प्राप्त कर लिया।

किरण शॉ मजूमदार की जन्म 23 मार्च 1953 को बंगलूर में हुआ था। उनकी शिक्षा वहीं के स्कूल-कॉलेज में हुई। बाद में वह ऑस्ट्रेलिया चली गईं जहां उन्होंने ब्रुइंग की ट्रेनिंग ली। बाद में वह नौकरी की तलाश में आयरलैंड चली गईं जहां उन्हें बायोकॉन बायोकेमिकल्स में ट्रेनी की नौकरी मिली। इसी कंपनी के साथ उन्होंने 1978 में भारत में बायोकॉन इंडिया नाम की कंपनी शुरू की। उनके पास पूंजी के नांम पर महज 10,000 रुपए थे। इतनी कम रकम से बिज़नेस करना मुश्किल था। उनकी मदद के लिए कोई नहीं था, बैकों ने उन्हें लोन देने से इनकार कर दिया। उन्होंने सबसे पहले पपीते से एक खास किस्म का एंजाइम निकालने का काम शुरू किया। उनके नेतृत्व में कंपनी तेजी से तरक्की करती गई। उन्होंने उस कंपनी का आकार बढ़ाकर उसे संपूर्ण बायोफार्माकेमिकल्स कंपनी बना दिया। यह कंपनी बायोटेक रिसर्च में भारत की अग्रणी कंपनी है। 2004 में उसका पब्लिक इश्यू आया था और वह 30 गुना बिक गया। उसके बाद उसकी कंपनी के शेयरों के दाम लगातार बढ़ते गए। उन्होंने कंपनी के 40 प्रतिशत शेयर अपने पास रख लिये। उस समय उनके पास 2100 करोड़ रुपए की दौलत थी और वह भारत की सबसे अमीर महिला थी।

आज वह भारत की चौथी सबसे दौलतमंद महिला हैं और उनके पास 88 करोड़ डॉलर (46 अरब रुपए) से ज्यादा की संपत्ति है। उन्हें पद्मश्री, पद्मभूषण जैसे सम्मान मिल चुके हैं। उनकी कंपनी अब कैंसर रोधी तथा डायबिटीज की दवाएं बनाती हैं। उन्होंने मलेशिया में हजारों करोड़ रुपए का निवेश किया है।