5 लाख तक की इनकम पर टैक्स न लेने की जोरदार पैरवी

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Tax on income of up to 5 आने वाले बजट से ठीक पहले डायरेक्ट टैक्सेज कोड (डीटीसी) बिल पर विचार विमर्श कर रही संसदीय कमिटी के सदस्यों ने इनकम टैक्स छूट की लिमिट बढ़ाकर पांच लाख रुपये सालाना करने पर जोर दिया। सीनियर बीजेपी नेता यशवंत सिन्हा की अगुवाई में बैठक करने के बाद वित्तीय मामलों की स्थायी समिति ने अपनी रिपोर्ट 2 मार्च तक फाइनल करने का फैसला लिया।

सूत्रों के मुताबिक, कमिटी की 24 फरवरी दोबारा मीटिंग होगी और रिपोर्ट को अंतिम रूप दिया जाएगा।

सूत्रों के मुताबिक, बढ़ती हुई महंगाई दर और रुपये में गिरावट को देखते हुए कुछ सदस्य इनकम टैक्स की लिमिट को 5 लाख रुपये सालाना करना चाहते हैं। सरकार को उम्मीद है कि अगले वित्त वर्ष में डीटीसी बिल को सदन की मंजूरी मिल जाएगी। संसद की मंजूरी मिलना अभी बाकी है सो सरकार इस बिल के कुछ प्रावधानों को 16 मार्च को पेश किए जाने वाले बजट में शामिल कर सकती है।

कमिटी ने अपनी ड्राफ्ट रिपोर्ट में सुझाव दिया है कि इनकम टैक्स चुकाने की न्यूनतम सीमा को 1 लाख 80 हजार रुपये की वर्तमान सीमा से बढ़ाकर तीन लाख रुपये सालाना कर देना चाहिए। बिल में सभी तीन कैटिगरी के टैक्स स्लैब को रिवाइज करने का भी प्रस्ताव दिया है।

वर्तमान में 1.80 लाख रुपये से लेकर पांच लाख रुपये आमदनी तक 10 पर्सेंट टैक्स, रुपये पांच लाख से आठ लाख तक 20 पर्सेंट टैक्स और आठ लाख रुपये आमदनी से ऊपर 30 पर्सेंट टैक्स का प्रावधान है।

डीटीसी, 1961 में पारित इनकम टैक्स ऐक्ट की जगह लेगी। यह विचार विमर्श के लिए स्थायी कमेटी के पास पहुंची है। इसे अगस्त 2010 में लोकसभा में पारित किया गया था।