अप्रैल से महंगा होगा हेल्थ, वीइकल और प्रॉपर्टी बीमा

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April Health expensive, Vehicle and Property Insuranceतमाम मोर्चों पर महंगाई से त्रस्त लोगों को अब हेल्थ, वीइकल या प्रॉपर्टी इंश्योरेंस कराना भी अगले फाइनैंशल ईयर से महंगा पड़ने जा रहा है। वित्त मंत्रालय ने नैशनल री-इंश्योरेंस कंपनी जनरल इंश्योरेंस कॉरपोरेशन (जीआईसी) को साफ कह दिया है कि वह घाटे के इंश्योरेंस को फंडिंग करना बंद करे। सरकार ने यह भी कहा है कि यदि बीमा कंपनियां घाटे का इंश्योरेंस जारी रखती है तो उन्हें नुकसान अपनी जेब से भरना होगा। या फिर, प्रीमियम रेट्स बढ़ाने होंगे।

जीआईसी सरकारी री-इंश्योरेंस यानी पुर्नबीमा कंपनी है। इसका काम इंश्योरेंस कंपनियों को होलसेल कवर देना है। इससे इन कंपनियों को फायदा यह होता है कि बीमा करने से होने वाले जोखिम का एक हिस्सा जीआईसी उठाती है। सरकार के नियम के मुताबिक, सभी बीमा कंपनियों को अपने वित्तीय जोखिम का एक हिस्सा जीआईसी के पास री-इन्श्योर करवाना ही होता है। बीमा कंपनियां इंश्योरेंस करने से मना करने का अधिकार रखती हैं, लेकिन जीआईसी के पास यह अधिकार नहीं है। उसे बीमा कंपनियों द्वारा उसके पास भेजे गए सभी इंश्योरेंसेस का एक हिस्सा री-इन्श्योर करना ही होता है। बीमा कंपनियां अपने नफे-नुकसान को मैनेज करने के लिए अन्य री-इन्श्योरेंस भी जीआईसी से करवा सकती है।

अब हुआ यह है कि 7 फरवरी को जीआईसी से फाइनैंस मिनिस्ट्री ने कहा है कि वह घाटे के इंश्योरेंस उत्पादों का पुर्नबीमा बंद करे। अब बीमा कंपनियों को इन प्रॉडक्ट्स पर होने वाले जोखिम या नुकसान का हिस्सा खुद ही वहन करना होगा। इरडा की इस वित्त वर्ष की सालाना रिपोर्ट के मुताबिक, मोटर और हेल्थ इंश्योरेंस क्लेम का रेश्यो काफी ज्यादा यानी क्रमश: 103% से 100% तक रहा है। यानी, ये दोनों ही बिजनस नफे का सौदा होना तो दूर और उलटे नुकसान ही उठाना पड़ा है।

साथ ही, सरकार ने जीआईसी से कहा है कि कंपलसरी इंश्योरेंस पर बीमा कंपनियों का कमिशन घटाकर 5% कर दे। री-इंश्योरेंस कमिशन में कटौती होने से कवर लेना महंगा होगा। वैसे, पहले मंत्रालय ने जीआईसी से कहा था कि कंपलसरी री-इंश्योर्ड इंश्योरेंस प्रॉडक्ट्स पर वह कमिशन ही न दे, लेकिन बाद में बीमा कंपनियों के दबाव के बाद 10 % कमिशन को बना रहने दिया था। अब इसे 5 परसेंट कर देने के लिए कहा है। इससे सीधे तौर पर इंश्योरेंस कवर की कीमत पर असर पड़ेगा और इसे महंगा करना होगा।