नई दिल्ली। रक्षा क्षेत्र की दिग्गज फ्रांसीसी कंपनी डसाल्ट एविएशन ने रिलायंस इंडस्ट्रीज [आरआइएल] के साथ समझौता किया है। पिछले महीने ही डसाल्ट को भारत से 126 लड़ाकू विमानों की आपूर्ति का अरबों डॉलर का ठेका मिला है। माना जा रहा है कि दोनों कंपनियां इसके लिए मिलकर काम करेंगी। करार के तहत मुकेश अंबानी की कंपनी फ्रांसीसी फर्म को रक्षा और आंतरिक सुरक्षा से जुड़े जटिल मैन्यूफैक्चरिंग के क्षेत्र में रणनीतिक सहयोग देगी।
मीडियम-मल्टीरोल कॉम्बैट एयरक्राफ्ट [एमएमआरसीए] के लिए हुए सौदे के तहत सरकार ने डसाल्ट के सामने यह शर्त रखी है कि सौदे की कुल राशि का 50 फीसदी हिस्सा उसे भारतीय रक्षा क्षेत्र में निवेश करना होगा।
इसी के तहत ही ही दोनों कंपनियों सहमति पत्र [एमओयू] पर दस्तखत किए हैं। रक्षा क्षेत्र में उतरने के लिए रिलायंस ने एयरोस्पेस और डिफेंस यूनिट बना रखी है। इसके प्रमुख विवेक लाल एमएमआरसीए सौदे से जुड़े रहे हैं।
लाल इससे पहले नासा और रेथियोन में बतौर वैज्ञानिक काम कर चुके हैं। मुकेश पिछले कुछ समय से रक्षा क्षेत्र में उतरने की कोशिश में जुटे थे। डसाल्ट के साथ करार से उनका यह सपना पूरा होता दिख रहा है।


