DGCA को बताएगी किंगफिशर, क्‍यों की उड़ानें रद्द?

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Kingfisher will reveal DGCAकिंगफिशर एअरलाइंस के अधिकारी आज बताएंगे कि अचानक उड़ानें रद्द किए जाने की वजह क्‍या है। डीजीसीए ने किंगफिशर के सीईओ और अन्य शीर्ष अधिकारियों को तलब कर पूरा ब्योरा मांगा है। डीजीसीए ने एअरलाइन के सीईओ संजय अग्रवाल समेत अन्य वरिष्ठ अधिकारियों से उड़ानें रद्द होने के संबंध में मंगलवार को पेश होकर सफाई देने को कहा है।

सूत्रों के मुताबिक, किंगफिशर के अधिकारी एअरलाइन के बैंक खातों पर लगी रोक हटाने के लिए आयकर विभाग से बात कर रहे हैं। वहीं, एअरलाइन ने यह रोक हटने व कर्मचारियों को बकाया वेतन का भुगतान होने के बाद उड़ानों का परिचालन सामान्य होने की उम्मीद जताई है।कंपनी ने उड़ानों में कटौती के लिए आयकर विभाग द्वारा बैंक खातों पर रोक लगाए जाने को जिम्मेदार ठहराया है। किंगफिशर एअरलाइंस की सेवाएं सोमवार को लगातार तीसरे दिन भी प्रभावित रहीं। देशभर में कई बड़े शहरों से उड़ान भरने वाली किंगफिशर की करीब 45 उड़ानें रद्द की गईं।कंपनी के 34 पायलट इस्तीफा दे चुके हैं। इसके साथ बड़ी संख्या में अनुबंध पर तैनात कर्मचारियों को एअरलाइन ने नौकरी से हटाने का नोटिस जारी कर दिया है। इस बीच सरकार ने किंगफिशर को आर्थिक मदद देने से मना कर दिया है। कंपनी के मालिक विजय माल्या ने इससे इनकार किया है कि किंगफिशर बंद होगी।विमानन क्षेत्र के नियामक डीजीसीए ने किंगफिशर एयरलाइंस के मुख्य कार्यकारी और शीर्ष अधिकारियों को बुलाकर एयरलांइस की बड़े पैमाने पर उड़ानें रद्द होने के बारे में पूरा ब्यौरा मांगा है। इधर सरकार ने कंपनी को किसी तरह का राहत पैकेज देने से इनकार कर दिया।
   
नागर विमानन महानिदेशालय (डीजीसीए) ने विमानन कंपनियों के मुख्य कार्यकारी संजय अग्रवाल समेत वरिष्ठ अधिकारियों से उड़ानें रद्द होने के संबंध में सफाई देने के लिए कहा है।
    
नागर विमानन मंत्री अजित सिंह ने स्पष्ट रूप से कहा है कि सरकार विमानन कंपनी को राहत पैकेज नहीं देगी। मंत्री ने संवाददाताओं से कहा कोई भी सरकार राहत पैकेज नहीं देगी। सरकार इसके लिए बैंक या निजी उद्योग से कुछ नहीं कहेगी।
   
सिंह ने कहा हाल ही में सरकार ने उनके बैंक खाते भी जब्त कर लिए। इसलिए हमारी पहली चिंता मौजूदा उड़ानों में सवारियों की सुरक्षा से कोई समझौता न हो और फिर देखते हैं वे क्या जवाब देते हैं। डीजीसीए इसकी जांच कर रही हैं।
   
उन्होंने कहा कि किंगफिशर के सामने कई तरह की वित्तीय मुश्किलें हैं। सिंह ने कहा कि कोलकाता में कर्मचारी हड़ताल पर चले गए क्योंकि कंपनी ने उन्हें कई महीनों से वेतन नहीं दिया। इसलिए उड़ानें रद्द कर दी गईं।
    
डीजीसीए का काम है यह देखना कि यात्रियों की सुरक्षा के साथ कोई समझौता न हो। किंगफिशर बैंकों के साथ बातचीत कर रही है और उसने अपनी कारोबारी योजना पेश की है। सिंह ने कहा कि सरकार ने हाल ही में कुछ बदलाव किए हैं जिनमें विमानन ईंधन नीति संबंधी परिवर्तन भी शामिल हैं। इस नीति के तहत कंपनी सीधे तौर पर जेट ईंधन का आयात कर सकती है।
    
मंत्री ने कहा कि किंगफिशर की कारोबारी योजना इस लिहाज से व्यावहारिक हो सकती है लेकिन यह बैंकों को तय करना है कि कितना धन दिया जाए। डीजीसीए प्रमुख ई़क़े भारत भूषण ने कहा हमें बड़े पैमाने पर उड़ानों के रद्द होने की खबर लगी। अपनी उड़ानों के रद्द होने के बारे में उन्हें हमें सूचित करना होता है। लेकिन कंपनी ने ऐसा नहीं किया।