जो हासिल किया अपने बूते पर किया - पायल रोहतगी

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Who have achieved on their own - Payal Rohatgiपायल रोहतगी साफ-साफ बात करने में यकीन करती हैं। कल वे अपनी फिल्म ‘वेलेंटाइन नाइट’ के प्रमोशन के लिए शहर में थीं जो 10 फरवरी को रिलीज हो रही है। वार्ता में उन्होंने साफ-साफ कह दिया कि वे अपने करियर से खुश हैं ‍क्योंकि जो कुछ भी उन्होंने हासिल किया, अपने बूते पर किया है। वे कोई अभिषेक बच्चन नहीं हैं जिनके पिता सुपरस्टार हैं और उनकी वजह से उन्हें फिल्म मिलती हो।

दस हजार रुपये लेकर पायल मुंबई आई थीं। आज उनका अपना घर है, गाड़ियां हैं और खुद का एक नाम है। फिल्म के हीरो संग्राम सिंह भी साथ थे, जिन्हें पायल ने अपना बॉयफ्रेंड बताया। पायल का कहना है कि वे उन हीरोइनों में से नहीं हैं जो प्रेमी को सिर्फ दोस्त बताए। फिलहाल पायल का निकट भविष्य में शादी का इरादा नहीं है। संग्राम सिंह पहलवान हैं और अब फिल्मों में किस्मत आजमा रहे हैं। पेश है पायल से बातचीत के मुख्य अंश :

फिल्म का नाम वेलेंटाइन डे के बजाय वेलेंटाइन नाइट क्यों है?

क्योंकि फिल्म में वेलेंटाइन नाइट को बहुत कुछ घटित होता है। ये सिर्फ 24 घंटे की कहानी है। वेलेंटाइन डे के दिन मेरे और संग्राम के बीच विवाद होता है। सोशल नेटवर्क साइट पर हम मिलते हैं तय करते हैं कि बीती बात भूला देंगे। वेलेंटाइन नाइट का मजा लेने के लिए हम निकल पड़ते हैं और फिल्म वेलेंटाइन डे के अगले दिन खत्म होती है। लोगों को यह भी पता चलेगा कि सोशल नेटवर्किंग साइट मजा तो देती है, लेकिन खतरनाक भी हो सकती है। यह फिल्म रोमांटिक होने के साथ-साथ थ्रिलर भी है।

सोशल नेटवर्किंग साइट्स के होने से प्यार और ब्रेकअप्स जल्दी होने लगे हैं? आप क्या कहती हैं?

फेसबुक या ट्विटर के माध्यम से आप अपने दिल की बात उन लोगों तक पहुंचा देते हैं जो आपके लिए अपरिचित हैं। दिल का गुबार निकल जाता है। इन माध्यमों के कारण विकल्प भी जल्दी मिल जाता है। आप सोचते हैं कि ये नहीं तो और सही। इन विकल्पों के कारण ही प्यार और ब्रेकअप्स फटाफट हो जाते हैं।

सर्वाइवर इंडिया जैसा टफ रियलिटी शो से आपने क्या सीखा?

सबसे पहले तो मैंने भगवान को शुक्रिया कहा क्योंकि उन्होंने मुझे अपने सपने को जीने का मौका दिया। आराम की सारी चीजें दीं। पहले मैं छोटी-छोटी बातों पर झुंझला जाती थी, अब मुझमें धैर्य आ गया है। जिंदगी का आनंद लेना सीख गई हूं। रोटी, कपड़ा और मकान के मायने समझ में आए। अब मैं एडजस्ट करना सीख गई हूं।

इस शो के दौरान ही संग्राम के प्रति आपके मन में लगाव पैदा हुआ। संग्राम की किन बातों से आप उनकी ओर आकर्षित हुई?

संग्राम बेहद सिम्पल, स्पष्टवादी और मेहनती किस्म के इंसान हैं। दिल की बात उनकी जुबां पर होती है। मैं जिस परिवार से हूं वो भी ऐसे लोगों से मिलकर ही बना है। फिल्म इंडस्ट्री में ऐसे इंसान नहीं मिलते। जब मैंने इस शो में हिस्सा लिया तो यह कभी नहीं सोचा था कि मैं बॉयफ्रेंड बनाने जा रही हूं, लेकिन भगवान की योजना कुछ और थी। मेरी और संग्राम की दोस्ती इस शो में हुई जो धीरे-धीरे प्यार में बदल गई। हालांकि हम दोनों में काफी भिन्नताएं हैं, लेकिन मुझमें अब काफी बदलाव आ रहे हैं। मैं दूध पीने लगी हूं। च्यवनप्राश खाने लगी हूं। संग्राम बेहद छोटे-से गांव से हैं। उन्होंने जिस स्तर से शुरुआत की थी, वहां से यहां पहुंचना बड़ी उपलब्धि है।

सुना है कि संग्राम को वीना मलिक के स्वयंवर वाले शो में हिस्सा लेने से आपने मना कर दिया था?

संग्राम को वो शो ऑफर हुआ था। अच्छे पैसे भी मिल रहे थे, लेकिन संग्राम ने कहा कि मैं पायल के साथ रिलेशनशिप में हूं इसलिए उस शो में हिस्सा लेना ठीक नहीं होगा। वैसे भी वो बड़ा ही चीप शो है, जिसमें अंत में शादी करने से लोग इंकार कर देते हैं।

आपने बीई (कम्प्यूटर) किया है। फिर फिल्म लाइन में कैसे आ गईं?

पढ़ाई पूरी करने के बाद जॉब करने से पहले मैं अपनी लाइफ एंजॉय करना चाहती थीं। मैंने मम्मी से कहा कि मैं मॉडलिंग करना चाहती हूं और मुंबई आ गई। कुछ विज्ञापन फिल्में की और कैमरे के सामने रहने में मुझे मजा आने लगा। बस मैंने सोच लिया कि नाइन टू सिक्स के बोरिंग जॉब के बजाय यह काम ज्यादा अच्छा है।