कोई रिस्क नहीं लेना चाहता : इमरान खान

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ke a risk: Imran Khanनए साल में इमरान खान विशाल भारद्वाज की फिल्म के लिए नए लुक में जरूर नजर आ रहे हैं। वैसे , अभी तक कई नए डायरेक्टर्स के साथ काम कर चुके इमरान को सीक्वल व रीमेक के कॉन्सेप्ट पर भरोसा नहीं है , तो अभी वह प्रॉडक्शन में भी नहीं उतरना चाहते।  इमरान खान से एक मुलाकात :

इन दिनों आप एक नए लुक में नजर आ रहे हैं। इसकी कोई खास वजह ?

पिछले दिनों मैंने डायरेक्टर विशाल भारद्वाज की अगली फिल्म ' मटरू की बिजली का मंडोला ' साइन की है। इसकी शूटिंग ' एक मैं और एक तू ' की रिलीज के बाद शुरू होगी। अगर सब ठीक रहा , तो मार्च में फिल्म का पहला शेड्यूल हरियाणा में शूट किया जाएगा।

विशाल भारद्वाज जैसे निर्देशक के साथ काम करने में आप कितना कंफर्टेबल महसूस कर हैं ?

जब विशाल ने यह कहानी मुझे सुनाई , तो मुझे लगा कि पता नहीं इतनी डिफरेंट स्क्रिप्ट में मैं सेट भी हो पाऊंगा या नहीं। लेकिन विशाल ने मुझे भरोसा दिलाया कि यह रोल मेरे लिए ही क्रिएट किया गया है। साथ ही , उन्होंने मुझसे पूरी मेहनत का प्रॉमिस भी लिया। वैसे , मैं इतना जरूर जानता हूं कि विशाल एक एक्टर से उसका बेस्ट निकलवाना जानते हैं , इसलिए मुझे उनके कहे अनुसार चलने में कोई प्रॉब्लम नहीं है।

कहा जा रहा है कि ' एक मैं और एक तू ' हॉलिवुड फिल्म ' वाट हैपेन इन लॉस वेगॉस ' पर बेस्ड है ?

मुझे नहीं पता कि यह खबरें कहां से आती हैं। इससे पहले भी मैं यह बात सुन चुका हूं। इस बारे में मैं इतना ही कहना चाहता हूं कि दोनों फिल्मों सिर्फ लास वेगॉस शहर ही कॉमन है। इनकी कहानियों का आपस में कोई रिलेशन नहीं है।

वैसे , क्या आपने वह फिल्म देखी है ?

मैंने फिल्म तो नहीं , लेकिन प्रोमोज जरूर देखे हैं। शायद लोग इसी बेस पर दोनों फिल्मों के कॉमन होने की बात कह रहे हैं। वैसे , मेरी फिल्म की कहानी एक ऐसे लड़के की है , जो बहुत दबा - सहमा और परेशान रहता है। उसे खुद पर कॉन्फिडेंस नहीं है , लेकिन उसकी लाइफ में एक लड़की की एंट्री के बाद चीजें बहुत आसान हो जाती हैं।

कई बड़े एक्टर्स फिल्म मेकर्स बन रहे हैं। क्या आपका भी इरादा फिल्म प्रॉडक्शन में आने का है ?

अभी तो मेरी ऐसी कोई प्लानिंग नहीं है। मैं करण जौहर , आदित्य चोपड़ा और आमिर खान जैसे प्रड्यूसर्स के साथ काम कर चुका हूं। इनको देखकर लगता है कि फिल्म बनाना आसान नहीं है और अभी मैं इसके लिए तैयार भी नहीं हूं। दरअसल , किसी फिल्म की सफलता या असफलता का सीधा ठीकरा उसके निर्माता के ही सिर फूटता है। इसलिए मैं अभी कोई रिस्क नहीं लेना चाहता।

आपने अपने करियर में अधिकतर फिल्में नए डायरेक्टर्स के साथ की हैं। ऐसा क्यों ?

इसे बस चांस ही कह सकते हैं। अब्बास टायरवाला के साथ ' जाने तू या जाने ना ' और पुनीत मल्होत्रा की ' आई हेट लव स्टोरीज ' से लेकर अली अब्बास जफर की ' मेरे ब्रदर की दुलहन ' और अब शकुन बतरा की ' एक मैं और एक तू ', इन सभी की ये पहली ही फिल्में थीं। हालांकि शकुन को मैं अपनी पहली फिल्म के टाइम से जानता हूं। तब वह अब्बास के असिस्टेंट डायरेक्टर हुआ करते थे। वैसे , मुझे लगता है कि नए डायरेक्टर्स के पास कहने को बहुत कुछ होता है और उनका एनर्जी लेवल भी मुझे बहुत अट्रैक्ट करता है।

अपनी ही किसी फिल्म के सीक्वल या रीमेक में क्या काम करना चाहेंगे ?

मैं रीमेक या सीक्वल के कॉन्सेप्ट पर बिल्कुल भरोसा नहीं करता। मुझे ऐसा लगता है कि बेहतरीन फिल्मों का वही जादू दोबारा नहीं क्रिएट किया जा सकता। मसलन ' डॉन 2' तो हमने देख ली , लेकिन जिन लोगों ने अमिताभ बच्चन वाली फिल्म देखी है , उनके लिए यह फिल्म वह जादू जगा नहीं पाती। इसलिए मैं इस कोशिश के बारे में भी नहीं सोचता।